शुरू हो रहा स्पेस टूरिज्म का दौर
स्पेस टूरिज्म तेजी से उभरता हुआ एक बड़ा कारोबार बनता जा रहा है। वैश्विक स्पेस टूरिज्म बाजार का आकार 2025 में लगभग 1.7 अरब डॉलर था। आईएमएआरसी ग्रुप के अनुसार, 2034 तक यह बढ़कर 21.3 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इस दौरान बाजार के 31.34% की सालाना औसत वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ने का अनुमान है।
इस बाजार में उत्तर अमेरिका सबसे आगे है और 2025 में उसकी हिस्सेदारी 38.9% से अधिक रही। इसके पीछे अंतरिक्ष तकनीक में तेज प्रगति, निजी कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा, अंतरिक्ष यात्रा को लेकर लोगों की बढ़ती रुचि, सरकारी समर्थन और नई सेवाओं का विस्तार प्रमुख कारण हैं।
नासा के अनुसार, अब तक 20 से अधिक देशों के 270 से ज्यादा अंतरिक्ष यात्री, कॉस्मोनॉट और निजी अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा कर चुके हैं। यह दिखाता है कि अंतरिक्ष यात्रा अब केवल सरकारी मिशनों तक सीमित नहीं रही है।
वित्तीय संस्था यूबीएस का अनुमान है कि 2030 तक स्पेस टूरिज्म उद्योग का आकार 3 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि कई निजी कंपनियां इस क्षेत्र में प्रवेश कर रही हैं और ऐसे संपन्न लोगों की संख्या बढ़ रही है, जो जीवन में एक बार अंतरिक्ष की यात्रा का अनुभव लेने के लिए बड़ी रकम खर्च करने को तैयार हैं।
इस क्षेत्र की वृद्धि में सरकारी समर्थन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 2023 में नासा ने अगले पांच वर्षों तक निजी अंतरिक्ष परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए औसतन हर वर्ष 3 अरब डॉलर की फंडिंग योजना की घोषणा की। यह सहायता कमर्शियल क्रू और कमर्शियल लूनर पेलोड सर्विसेज जैसे कार्यक्रमों के जरिए दी जा रही है।
इस फंडिंग से स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन जैसी कंपनियों को अपनी तकनीक विकसित करने, अंतरिक्ष यात्राओं को अधिक सुरक्षित बनाने और सेवाओं को बेहतर करने में मदद मिल रही है। नासा ने स्पेसएक्स के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक वाणिज्यिक अंतरिक्ष यात्राओं को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम शुरू किया है। माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में यह साझेदारी निजी अंतरिक्ष उद्योग के लिए अरबों डॉलर के नए अवसर पैदा कर सकती है।


