
दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक्टर सलमान खान की उस याचिका पर सुनवाई टाल दी, जिसमें उन्होंने अपकमिंग फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ की शूटिंग, प्रमोशन और रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी. फिल्म निर्माताओं के वकील ने याचिका का जवाब देने के लिए समय मांगा था. इस मामले की सुनवाई जस्टिस मधु जैन की वेकेशन बेंच ने की. वहीं अब इस केस पर अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी.
सलमान खान के वकील ने क्या कहा?
खान की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट संदीप सेठी ने कोर्ट से अंतरिम सुरक्षा देने की अपील की थी. उन्होंने तर्क दिया कि फिल्म निर्माता एक्टर की सहमति के बिना उनकी जिंदगी और पर्सनैलिटी का कमर्शियल फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहे थे. एडवोकेट सेठी ने सलमान खान की और से कहा, “वे मेरी जिंदगी पर फिल्म बना रहे हैं और नोटिस को फाड़ रहे हैं. उन्हें मेरी ज़िंदगी पर फिल्म बनाने का कोई अधिकार नहीं है. मैं अंतरिम रोक (इंजंक्शन) की मांग कर रहा हूंय टीज़र पहले ही रिलीज़ हो चुका है.”
फिल्म मेकर के वकील ने क्या कहा?
बता दें कि फिल्म निर्माता के वकील ने कहा कि उसे सलमान के वकील की तरफ से दाखिल याचिका की कॉपी नहीं मिली है. बुधवार को सिर्फ एप्लीकेशन की कॉपी मिली है. जस्टिस मधु जैन ने याचिकाकर्ता सलमान खान के वकील से कहा कि वो दूसरे पक्ष को याचिका की कॉपी सप्लाई करे. इस पर सलमान खान के वकील सेठी ने तर्क दिया कि प्रतिवादियों को पहले ही सूचना दी जा चुकी थी और कोर्ट में सर्विस का हलफनामा भी दाखिल किया जा चुका था.

पिछली सुनवाई के दौरान सलमान खान की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म के निर्माता अमित जानी और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था.
सलमान ने क्यों की है काला हिरण फिल्म पर रोक की मांग?
गौरतलब है कि बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने दिल्ली हाईकोर्ट से फिल्म “काला हिरण : द बैटल फॉर लेगेसी” के रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है. याचिका में सलमान खान का आरोप है कि फिल्म का पोस्टर उनकी पर्सनॉलिटी राइट्स (Personality Rights) का खुला उल्लंघन करता है और उनके नाम, छवि तथा सार्वजनिक पहचान का व्यावसायिक लाभ के लिए बिना अनुमति इस्तेमाल किया जा रहा है.सलमान खान का कहना है कि प्रस्तावित फिल्म और उससे जुड़े प्रमोशनल कंटेंट उनके पर्सनैलिटी राइट्स का अतिक्रमण करती है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और कानूनी अधिकार प्रभावित हो सकते हैं.
