पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले में विधानसभा चुनाव 2026 के बीच एक गंभीर मामला सामने आया है। नोआपाड़ा विधानसभा सीट से जुड़ा यह मामला मतदान के बाद और मतगणना से ठीक एक दिन पहले सामने आया, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। माध्यमग्राम विधानसभा के अंतर्गत इच्छापुर निलगंज पंचायत के सुभाषनगर इलाके में बूथ नंबर 29 के वीवीपैट की पर्चियां कथित तौर पर फेंकी हुई मिलीं। ये पर्चियां अलग-अलग पार्टियों के उम्मीदवारों से जुड़ी बताई जा रही हैं।
#WATCH | North 24 Parganas | West Bengal Assembly Elections 2026 | VVPAT slips allegedly from booth number 29 of Noapara Assembly were found discarded in Subhashnagar of Ichapur Nilganj Panchayat of Madhyamgram Assembly, a day before the vote counting was scheduled in the… pic.twitter.com/BRWS3aRMdT
— ANI (@ANI) May 3, 2026
सीपीआईएम उम्मीदवार मौके पर पहुंची
इस घटना की जानकारी मिलते ही सीपीआई(एम) की उम्मीदवार गार्गी चटर्जी मौके पर पहुंचीं। पुलिस भी वहां जांच के लिए पहुंची। इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के त्रिणांकुर भट्टाचार्य और भाजपा के अर्जुन सिंह भी चुनाव मैदान में हैं। गार्गी चटर्जी ने इस घटना को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्वाचन आयोग नहीं बल्कि ‘निर्यातन (दमनकारी) आयोग’ बन गया है। उनके मुताबिक, मौके पर मिली पर्चियों में सबसे ज्यादा उनके नाम की पर्चियां हैं, कुछ भाजपा की हैं और 2-3 पर्चियां टीएमसी उम्मीदवार की भी हैं।
#WATCH | North 24 Parganas, West Bengal | CPIM candidate from the seat, Gargi Chatterjee, says, “This is the state of the Election Commission. It isn’t the ‘Nirvachan’ Commission. It’s ‘Nirjatan’ (oppressive) Commission… Some slips of my name, some of the BJP, and two to three… pic.twitter.com/5BTI8cAnDy
— ANI (@ANI) May 3, 2026
‘हमारी बात को गंभीरता से नहीं ले रहा चुनाव आयोग’
उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने इन पर्चियों को देखा और तुरंत उन्हें सूचना दी। इसके बाद उन्होंने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) को फोन किया, लेकिन उनका आरोप है कि आयोग उनकी बात को गंभीरता से नहीं ले रहा है। गार्गी चटर्जी ने साफ कहा कि जब तक ईवीएम मशीनों की पूरी जांच नहीं होती, तब तक मतगणना शुरू नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में चुनाव के नतीजों को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है। अब इस मामले ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीवीपैट की पर्ची मिलने पर भाजपा नेता की प्रतिक्रिया
नोआपाड़ा विधानसभा क्षेत्र से वीवीपैट की पर्ची सड़क पर मिलने की खबरों पर भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने कहा, ‘स्ट्रांग रूम में बहुत कड़ी सुरक्षा है। आज जो घटना घटी, नोआपाड़ा से वीवीपीएटी पर्ची मध्यग्राम में मिलीं, वे वहां कैसे पहुंचीं? हमें सूचना मिली थी कि बीडीओ और पुलिस उन्हें ले जा रहे थे, और हमारे कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोका, जिसके बाद स्थिति सामने आई।’
Barasat, West Bengal: On reports of VVPAT slips from the Noapara Assembly constituency being found lying on the street, BJP leader Locket Chatterjee says, “The strong room has very good security. Today, the incident that took place—VVPAT slips from Noapara were found in… pic.twitter.com/23dC5HsBeB
— IANS (@ians_india) May 3, 2026
मॉक पोलिंग की हैं वीवीपैट की पर्चियां- डीईओ
अब इस मामले में उत्तर 24 परगना के जिला निर्वाचन अधिकारी ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि, ‘जांच करने पर पता चला है कि दिखाए गए वीवीपैट की पर्चियां मतदान से पहले किए गए मॉक पोल से संबंधित हैं और मतदान के दिन हुए वास्तविक मतदान से इनका कोई संबंध नहीं है। विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और सत्यापन एवं कार्रवाई के लिए औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी गई है।’

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