G-7 Summit in France: सोमवार को फ्रांस के शहर एवियन लेस बेन्स में जी-7 देशों की बैठक होगी. इसमें यूक्रेन युद्ध, बिजनेस, टेंशन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. इस बैठक में ईरान और अमेरिका को लेकर भी एजेंडा सेट है लेकिन अब दोनों देशों के बीच डील साइन हो गई है. इस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे. इनके अलावा दुनिया के अन्य नेता भी शामिल होंगे. यह जी-7 की बैठक 15 से 17 जून तक चलेगी.
जी-7 बैठक की अध्यक्षता फ्रांस कर रहा है. इसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूके और अमेरिका शामिल हैं. बैठक में भारत के प्रधानमंत्री को भी आमंत्रित किया है, और वो फ्रांस में ही मौजूद हैं. यह समिट ऐसे समय हो रही है, जब रूस और यूक्रेन का युद्ध चल रहा है, और मिडिल ईस्ट में टकराव की स्थिति बनी हुई है.
समिट का एजेंडा और कौन -कौन शामिल हो रहा है?
इस बार की बैठक में जी-7 के देश और यूरोपीय संघ के नेताओं के अलावा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को बतौर चीफ गेस्ट बुलाया है. इनमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी शामिल हैं.

जहां भारत, यूक्रेन, मिस्र और कतर के नेताओं ने अपनी मौजूदगी की पुष्टि कर दी है. फिलहाल सऊदी क्राउन प्रिंस इस साल के समिट में शामिल होंगे या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है. इनके अलावा ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, केन्या और दक्षिण कोरिया के नेता भी इसमें शामिल हो रहे हैं.
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यूक्रेन, ईरान के अलावा दुनिया की आर्थिक चुनौतियों पर होगी चर्चा
दो दिन चलने वाली इस समिट में यूक्रेन और ईरान की स्थिति के साथ-साथ दुनिया की आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी. सोमवार को मैक्रॉन ट्रंप का स्वागत करेंगे और उनके मिस्र, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और भारत के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठक करने की उम्मीद है. व्यापार और आर्थिक विकास भी एजेंडे का हिस्सा होंगे. ट्रंप भारत के प्रधानमंत्री मोदी के बीच भी मुलाकात होना है. दोनों नेता व्यापार और टैरिफ चर्चा करेंगे. चीन इस बैठक में शामिल नहीं होगा. हालांकि, समिट में चीन को लेकर चर्चा संभव है.
