Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली. अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की खबर आते ही वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें धड़ाम हो गईं. ब्रेंट क्रूड करीब 4% टूटकर 83.96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी क्रूड (WTI) भी फिसलकर 80.25 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया.
क्यों गिरे तेल के दाम?
पिछले कई महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की वजह से तेल बाजार में चिंता बनी हुई थी. निवेशकों को डर था कि तनाव बढ़ने पर तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है. लेकिन अब दोनों देशों के बीच समझौते की खबर आने के बाद बाजार को राहत मिली है.

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होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की उम्मीद
इस समझौते का सबसे बड़ा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ा है. यह दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है. समझौते के बाद इस मार्ग के फिर से सामान्य रूप से खुलने की उम्मीद बढ़ गई है, जिससे सप्लाई को लेकर चिंता कम हुई है.
BREAKING: Brent crude futures fell 4% to $83.96 a barrel after the announcement of an agreement between Tehran and Washington, according to Reuters. US crude futures also touched a session low of $80.25 a barrel.
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— Al Jazeera Breaking News (@AJENews) June 14, 2026
शेयर बाजार को भी मिला सहारा
तेल सस्ता होने की खबर से एशियाई शेयर बाजारों में भी तेजी देखने को मिली. निवेशकों को उम्मीद है कि अगर कच्चा तेल सस्ता रहता है तो महंगाई पर दबाव कम होगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी.
भारत के लिए क्यों है अच्छी खबर?
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. ऐसे में तेल की कीमतें घटने से देश का आयात बिल कम हो सकता है. इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव कम होगा और महंगाई को भी राहत मिल सकती है. हालांकि इसका सीधा फायदा कब मिलेगा, यह सरकार और तेल कंपनियों के फैसलों पर निर्भर करेगा.
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आगे क्या रहेगा फोकस?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल बाजार की नजर अमेरिका-ईरान समझौते के अगले चरण पर रहेगी. अगर समझौता पूरी तरह लागू होता है और तेल सप्लाई सामान्य रहती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है.
निवेशकों के लिए क्या मायने?
तेल की कीमतों में गिरावट एयरलाइन, पेंट, केमिकल और तेल पर निर्भर कई सेक्टरों के लिए सकारात्मक मानी जाती है. वहीं तेल उत्पादक कंपनियों पर इसका कुछ दबाव देखने को मिल सकता है. कुल मिलाकर, अमेरिका-ईरान समझौते की खबर ने तेल बाजार को बड़ी राहत दी है और इसी के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई.