प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस के नीस शहर पहुंच गए। इसके साथ ही उनके बहुप्रतीक्षित फ्रांस दौरे की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नीस, एवियन और पेरिस में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और बैठकों में हिस्सा लेंगे। दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय सहयोग को और मजबूत करना है।
फ्रांस पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी यात्रा की जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस दौरे में कई अहम कार्यक्रम शामिल हैं, जो भारत के प्रमुख विकास साझेदार देशों के साथ मित्रता और सहयोग को नई दिशा देंगे।

ट्रंप-मैक्रों से होगी अहम मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी 14 जून को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेता विभिन्न रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा कर सकते हैं। भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में पहले से मजबूत साझेदारी मौजूद है। इसके अलावा, पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस में मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की करीब डेढ़ साल बाद यह मुलाकात होगी। व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि की है।

‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम रहेगा आकर्षण का केंद्र
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप, नवाचार विशेषज्ञ और वेंचर कैपिटल फंड भाग लेंगे। यह मंच उभरते उद्यमियों और नवाचार क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों को अपनी नई तकनीकों, उत्पादों और समाधानों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर देगा।

2026 होगा भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और फ्रांस वर्ष 2026 को संयुक्त रूप से ‘इयर ऑफ इनोवेशन’ यानी ‘नवाचार वर्ष’ के रूप में मनाएंगे। इसी पहल के तहत दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग, स्टार्टअप साझेदारी और अनुसंधान आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि नवाचार और स्टार्टअप क्षेत्र इस दौरे का प्रमुख केंद्र बिंदु रहेगा।
कई अहम कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा
प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम 13 से 14 जून तक नीस में रहेगा, जबकि इसके बाद वह एवियन और पेरिस का दौरा करेंगे। इन शहरों में भी कई उच्चस्तरीय बैठकों और कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, जिनमें दोनों देशों के सहयोग को और व्यापक बनाने पर चर्चा होगी।
पीएम मोदी बोले- दुनिया का भरोसा और बढ़ी भारत की अहमियत
फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना होने से पहले जारी बयान में मोदी ने कहा, जी-7 में भारत की उपस्थिति उसके बढ़ते वैश्विक प्रोफाइल को दर्शाती है। लगातार आठवीं बार जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत को आमंत्रित किया जाना देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका और उस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के भरोसे का प्रतीक हैं। मोदी ने कहा कि फ्रांस भारत की रणनीतिक सोच में विशेष स्थान रखता है। उन्होंने याद दिलाया कि इसी वर्ष फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया था। उन्होंने कहा कि नीस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ बैठक के दौरान दोनों नेता फरवरी के बाद हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा करेंगे।


