अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका अगले दो सप्ताह के भीतर ईरान के साथ चल रहे विवाद में पूरी जीत हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही बड़ा परिणाम सामने आ सकता है। ट्रंप ने यह बयान एक वर्चुअल चुनावी कार्यक्रम के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और तेहरान अब समझौते के लिए तैयार दिख रहा है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान परमाणु हथियार न बनाने की शर्त सहित अमेरिका की प्रमुख मांगों को स्वीकार करने के लिए तैयार है।

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वे हमें सब कुछ देने को तैयार हैं- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, ‘हम अभी बातचीत कर रहे हैं और वे एक बहुत अच्छा समझौता करना चाहते हैं। वे हमें सब कुछ देने को तैयार हैं। वे परमाणु हथियार नहीं रखने के लिए भी तैयार हैं’। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि आने वाले दो हफ्तों में स्थिति पूरी तरह बदल सकती है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका अपनी पूर्ण जीत की घोषणा करेगा तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ेगा और तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है।
ईरान-इस्राइल के बीच फिर बढ़ा था तनाव
ट्रंप यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और इस्राइल के बीच हाल के दिनों में बढ़ा सैन्य तनाव कुछ कम होता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों ने हाल ही में एक-दूसरे पर जवाबी हमले किए थे, जिससे क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका पैदा हो गई थी। हालांकि अब दोनों पक्षों ने अपने सैन्य अभियान अस्थायी रूप से रोक दिए हैं।
ईरान पर इस्राइल ने रोके हमले
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू ने पुष्टि की कि इस्राइल ने ईरान के खिलाफ अपने हमले रोक दिए हैं। हालांकि उन्होंने औपचारिक युद्धविराम का समर्थन करने की घोषणा नहीं की। दूसरी ओर, ईरान ने भी इस्राइल के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने की बात कही है, लेकिन चेतावनी दी है कि यदि इस्राइल की ओर से फिर हमला हुआ तो वह तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू कर देगा।
शांति वार्ता जारी रखने के लिए तैयार है ईरान
इस बीच, ईरान की ओर से भी संकेत मिले हैं कि वह अमेरिका के साथ शांति वार्ता जारी रखने के लिए तैयार है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका ईमानदारी से बातचीत करता है तो तेहरान को वार्ता आगे बढ़ाने में कोई समस्या नहीं है। हालांकि, समझौते की समय-सीमा को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। एक टीवी कार्यक्रम में जब ट्रंप से पूछा गया कि यदि ईरान इतनी मुश्किल स्थिति में है तो उसने अभी तक समझौते पर हस्ताक्षर क्यों नहीं किए, तो उन्होंने जवाब दिया कि ईरानी नेतृत्व मजबूत और गर्वीला है। उनके लिए कुछ शर्तें स्वीकार करना आसान नहीं है और इसलिए प्रक्रिया में समय लग रहा है।
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गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी कई बार दो सप्ताह की समयसीमा का उल्लेख कर चुके हैं। इससे पहले अप्रैल में घोषित युद्धविराम के दौरान भी उन्होंने दो हफ्तों के भीतर स्थायी समझौता होने की उम्मीद जताई थी। अब एक बार फिर ट्रंप ने दावा किया है कि आने वाले दो सप्ताह ईरान-अमेरिका संबंधों और मध्य पूर्व की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
