मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की दो सीटों का गणित लगभग स्पष्ट नजर आ रहा है, लेकिन तीसरी सीट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई थी, लेकिन
अब भाजपा तीसरी सीट के लिए भी उम्मीदवार उतारेगी। दिल्ली से मिली हरी झंडी मिलने के बाद सीएम हाउस में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है। वहीं, कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी तरह की टूट-फूट की आशंकाओं को खत्म करने में जुटी हुई है।
सोमवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है। इससे पहले राजधानी भोपाल में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के शीर्ष नेताओं की बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। भाजपा के कई वरिष्ठ नेता रविवार को भोपाल में डटे रहे और केंद्रीय नेतृत्व के साथ लगातार संपर्क में बने रहे।
कांग्रेस नेता भी पूरी तरह सतर्क
भाजपा के द्वारा तीसरा उम्मीदवार की घोषणा के बाद कांग्रेस नेतृत्व पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया है कि पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं और राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन को पूरा समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में किसी तरह की टूट या क्रॉस वोटिंग की संभावना नहीं है और पार्टी अपने उम्मीदवार को मजबूती के साथ विजयी बनाएगी।
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सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लगातार विधायकों के संपर्क में हैं। प्रदेश नेतृत्व के साथ-साथ पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं से भी चर्चा का दौर जारी है। कांग्रेस की कोशिश है कि चुनाव तक संगठनात्मक एकजुटता का स्पष्ट संदेश जाए और किसी भी तरह की राजनीतिक अटकलों को हवा न मिले।


