देश के मौसम में अगले एक सप्ताह के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में प्रवेश की दहलीज पर है, वहीं दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की गतिविधियां तेज रहेंगी।


आईएमडी ने कहा है कि अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई क्षेत्रों में भी मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 4 जून (गुरुवार) के लिए कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में ओलावृष्टि, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। उत्तराखंड में भी मौसम सक्रिय रहेगा। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून और टिहरी जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। 4,200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना है।
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पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले सप्ताह तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। असम और मेघालय में 8 और 9 जून को बहुत भारी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में भी कई दिनों तक भारी वर्षा का अनुमान है।
मध्य और पश्चिम भारत में भी सक्रिय रहेगा मौसम
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 जून के बीच मौसम अधिक सक्रिय रह सकता है। महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा, मराठवाड़ा, गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।
अरुणाचल में भारी बारिश-भूस्खलन, यातायात बाधित
अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण बुधवार को अकाजन-लिकाबाली-बामे सड़क पर कई जगह भूस्खलन और मलबा जमा हो गया, जिससे यातायात बाधित हो गया। यह सड़क लोअर सियांग, लेपराडा, वेस्ट सियांग और अपर सुबनसिरी जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। लोअर सियांग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी तारिक न्यातन ने बताया कि सिजी, हाथी नल्लाह और ब्रह्मपुत्र व्यू प्वाइंट के पास सड़क अवरुद्ध हो गई थी। इसके कारण ऊपरी जिलों की ओर आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में अर्थमूवर और खुदाई मशीनें भेजीं। मलबा हटाने का काम तेजी से किया गया और दोपहर तक सड़क पर यातायात बहाल कर दिया गया। हालांकि प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि लगातार बारिश के कारण फिर से भूस्खलन हो सकता है।
राजस्थान में गर्मी बरकरार लेकिन राहत के संकेत
राजस्थान में भीषण गर्म और उमस का कहर बना हुआ है। जैसलमेर 43.7 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा। हालांकि मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में अगले कुछ दिनों के दौरान आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। इससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी भी चल सकती है।
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पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बदलेगा मौसम
पंजाब और हरियाणा में अभी गर्मी का असर बना हुआ है। हरियाणा के रोहतक में 42.1 डिग्री और पंजाब के फरीदकोट में 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 4 से 6 जून के बीच गरज-चमक, बारिश और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में 4 और 5 जून को हल्की बारिश, धूल भरी आंधी और तेज हवाओं का अनुमान है, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।
