दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सार्वजनिक सेवाओं में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने एक वायरल रील पर संज्ञान लिया है, जिसमें एक आवश्यक दवा देने से इनकार किया गया था। यह इनकार फर्श की सफाई का बहाना बनाकर किया गया था, जिसे मुख्यमंत्री ने अस्वीकार्य बताया।

वायरल रील में दिखाया गया है कि एक व्यक्ति को दवा नहीं दी गई। दवा न देने का कारण बताया गया कि फर्श पर पोंछा लगाया जा रहा था। वीडियो में संबंधित व्यक्ति यह कहते हुए भी दिख रहा है कि “जिसे शिकायत करनी है, कर दो।”
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस व्यवहार को सार्वजनिक सेवाओं के लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि संबंधित विक्रेता का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। यह घटना सार्वजनिक सेवाओं में जवाबदेही की कमी को उजागर करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नागरिक को उन सेवाओं का लाभ मिलना चाहिए, जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह घटना नागरिकों के अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता की कमी दर्शाती है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी नागरिक बिना किसी बाधा के सेवाएं प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री ने सेवा का अधिकार विधेयक का उल्लेख किया। इस विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं में जवाबदेही को बढ़ाना है। यह सुनिश्चित करेगा कि नागरिकों को समय पर और उचित सेवाएं मिलें। सरकार इस विधेयक के माध्यम से जवाबदेही मजबूत करने पर काम कर रही है।
