केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर इन दिनों अभूतपूर्व हलचल है। मंगलवार रात 10 बजे तक इस सिस्टम पर एक साथ रिकॉर्ड 14,000 यूजर्स सक्रिय थे। इसके साथ ही पोर्टल पर 28,000 से अधिक सफल आवेदन दर्ज किए जा चुके हैं। भारी ट्रैफिक के बावजूद वेबसाइट बिना किसी रुकावट के काम कर रही है।
छात्रों के फीडबैक पर बड़ा सुधार
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, छात्रों से मिले फीडबैक के बाद इस पोर्टल को पूरी तरह अपग्रेड किया गया है। भारी मांग को देखते हुए तकनीक को मजबूत बनाया गया है। इस बार सबसे बड़ा बदलाव सेशन टाइम लिमिट को बढ़ाकर किया गया है। इससे बार-बार होने वाले डिस्टर्बेंस से मुक्ति मिली है। अब छात्रों का यूजर एक्सपीरियंस पहले से कहीं बेहतर और आसान हो गया है।
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24 घंटे हो रही है निगरानी
सीबीएसई मुख्यालय ने पुष्टि की है कि तकनीकी टीमें प्लेटफॉर्म की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। इसका एकमात्र मकसद सिस्टम को सुरक्षित, विश्वसनीय और स्टूडेंट-फ्रेंडली बनाए रखना है। बोर्ड परीक्षा के नतीजों में सुधार और स्पष्टता चाहने वाले हजारों छात्रों के लिए यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है। शैक्षणिक कैलेंडर काफी व्यस्त होने के कारण, सीबीएसई की इस डिजिटल सफलता को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सीबीएसई के ये कदम उसकी पारदर्शिता और संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। पीक आवर्स के दौरान पहले छात्रों को टाइम-आउट की समस्या से जूझना पड़ता था। सेशन का समय बढ़ने से अब उन्हें बड़ी राहत मिली है। इस साल कई विषयों में री-इवैल्युएशन की मांग काफी ज्यादा है। ऐसे में माता-पिता और छात्रों ने भी तकनीकी गड़बड़ियों को रोकने के लिए बोर्ड के इस कदम की सराहना की है। सीबीएसई ने कहा कि वह रियल-टाइम फीडबैक के आधार पर अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को लगातार अपडेट करता रहेगा।

