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100 मीटर व 400 मीटर दौड़ में हिस्सा लेने वाले अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या अचानक हुए किसी विवाद का नतीजा नहीं, बल्कि डेढ़ साल से पल रही रंजिश का अंत निकली। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी यश ने कुबूल किया है कि उसने दोस्ती और भरोसे का फायदा उठाकर चिराग को पीछे से दो गोलियां मारकर उसकी जान ली है। करीब डेढ़ वर्ष पहले राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में खुद के डिस्क्वालिफाई होने के बाद से वह चिराग से बदला लेने की योजना बना रहा था।

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ग्रामीणों ने लगाया जाम
– फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने किया मार्ग जाम
इस बीच रविवार दोपहर चिराग का शव उनके गांव बसंतपुर सैंथली पहुंचते ही माहौल गम और गुस्से में बदल गया। ग्रामीणों और परिजनों ने पहले मेरठ रोड पर जाम लगाने का प्रयास किया। उसके बाद गांव के प्रमुख मार्ग को दोपहर तीन से शाम चार बजे तक जाम रखा।

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एंबुलेंस में पहुंचा शव
– फोटो : अमर उजाला
शाम को हुआ अंतिम संस्कार
उन्होंने आरोपी के एनकाउंटर की मांग की। मौके पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ और एडिशनल सीपी केशव चौधरी ने परिवार को किसी तरह समझाकर यातायात सुचारु कराया। इसके बाद शाम को गांव के श्मशान घाट पर चिराग का अंतिम संस्कार किया गया।

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चिराग त्यागी हत्याकांड पर भड़के ग्रामीण
– फोटो : अमर उजाला संवाद
बधाई देने पहुंचा, फिर साथ लाकर कर दी हत्या
पुलिस के मुताबिक, मुरादनगर के रावली रोड निवासी यश और बसंतपुर सैंथली गांव निवासी चिराग करीबी दोस्त थे। दोनों साथ में प्रैक्टिस करते थे और एक-दूसरे के घर भी आते-जाते थे। बंगलूरू में 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्वर्ण व रजत पदक जीतने के बाद चिराग के दिल्ली पहुंचने पर यश शनिवार तड़के उनसे मिलने पहुंचा। उसने पदक जीतने पर उसे बधाई दी और साथ घर चलने की बात कही।

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स्वर्ण पदक विजेता चिराग
– फोटो : अमर उजाला
इस वजह से नहीं हुआ यश पर चिराग को शक
दोनों अक्सर साथ आते-जाते थे, इसलिए चिराग को उस पर शक नहीं हुआ। दोनों दिल्ली से कैब में सवार होकर निकले और करीब 11 बजे साईं उपवन पहुंचे। यश ने चिराग से कहा कि उसे एक परिचित से 50 हजार रुपये लेने हैं और इन्हीं रुपयों से वह उसकी उधारी भी चुका देगा। इस बहाने वह चिराग को उपवन के भीतर ले गया।


