राम मंदिर चढ़ावा घोटाला मामले में आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव की 39 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड शनिवार सुबह 8:40 बजे शुरू हो गई। पुलिस दोनों को जिला कारागार से पुलिस लाइन स्थित अस्पताल ले आई, जहां मेडिकल परीक्षण के बाद एसओजी कार्यालय में पूछताछ की जा रही है। इस दौरान टिन्नू यादव मीडिया और लोगों से बचने के लिए पूरे समय गमछे से अपना चेहरा ढके रहा। पुलिस दोनों को उन संदिग्ध स्थानों पर ले जा सकती है, जहां कथित रूप से चढ़ावे की रकम का बंटवारा होता था।
रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन से जुड़े निवेश, घर, हॉस्टल तथा अन्य ठिकानों की भी जांच की जा सकती है। पुलिस नकदी, आभूषण और अहम दस्तावेजों की बरामदगी का प्रयास करेगी। इससे पहले तीन चरणों में छह आरोपियों से पूछताछ के दौरान दस्तावेज, आभूषण और दो चारपहिया वाहन बरामद किए जा चुके हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार एसआईटी रिपोर्ट में टिन्नू यादव के पास दानपेटिका (हुंडी) की चाबी होने का भी उल्लेख है। ऐसे में इस रिमांड से मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस और विशेष जांच दल (एसआईटी) दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार पूछताछ के बाद उन्हें उन संदिग्ध स्थानों पर भी ले जाया जाएगा, जहां कथित तौर पर मंदिर के चढ़ावे की रकम का बंटवारा किया जाता था। इसके अलावा रियल एस्टेट, निर्माण कार्यों, मकानों, हॉस्टलों और अन्य संपत्तियों में किए गए संभावित निवेश की भी जांच होगी। पुलिस का प्रयास नकदी, आभूषण और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बरामदगी करना है।
कई अहम साक्ष्य हाथ लगे
इससे पहले तीन चरणों की कस्टडी रिमांड के दौरान छह आरोपियों से पूछताछ में कई अहम साक्ष्य हाथ लगे थे। जांच एजेंसियों ने दस्तावेज, आभूषण और दो चारपहिया वाहन भी बरामद किए हैं। अब मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और मनीष यादव से पूछताछ को जांच का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार एसआईटी की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि टिन्नू यादव के पास मंदिर की दानपेटिका (हुंडी) की चाबी रहती थी। इसी आधार पर पुलिस को उम्मीद है कि इस रिमांड के दौरान चढ़ावे की रकम के गबन, उसके बंटवारे, निवेश और पूरे नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियां इस मामले में जुटे अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।

