लश्कर-ए-तैयबा और पीएएफएफ से जुड़े पाकिस्तानी आतंकियों की तलाश में मंजाकोट क्षेत्र के डोरिमल जंगल में जुटी सेना को ऑपरेशन शेरूवाली के तहत शनिवार को आठवें दिन बड़ी सफलता मिली। रायन इलाके में आतंकियों का ठिकाना मिला, जिसे ध्वस्त किया गया। मौके से खाने-पीने का सामान, एक गैस सिलिंडर, गैस चूल्हा और मिट्टी ढोने में इस्तेमाल होने वाला तसला (हेड पैन) बरामद हुआ है। आशंका है कि पाकिस्तानी कमांडो इलियास फौजी और अबू हमजा अपने कुछ साथियों के साथ जंगल में मौजूद हैं।

सैन्य अधिकारियों के मुताबिक तलाशी अभियान के दौरान बरामद सामग्री से पता चलता है कि इस ठिकाने का हाल ही में उपयोग किया गया है। आशंका है कि संदिग्ध आतंकी कुछ समय से यहां शरण लिए हुए थे। वे जंगल में लंबे समय तक ठहरने की तैयारी कर रहे थे। सेना, पुलिस, पैरा कमांडो, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से आतंकियों की तलाश में जुटी हैं। लेकिन अभी ठोस सफलता नहीं मिल सकी है।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि अत्याधुनिक हथियारों से लैस दो से तीन पाकिस्तानी आतंकी क्षेत्र के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में छिपे हैं। उनकी तलाश में ड्रोन, अत्याधुनिक निगरानी उपकरण, खोजी कुत्तों और हेलिकॉप्टर की मदद ली जा रही है। जंगलों और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों की निरंतर हवाई निगरानी की जा रही है।
आतंकियों के संभावित ठिकानों को निशाना बनाते हुए सेना की ओर से बीच-बीच में गोलाबारी की जा रही है। इसके अलावा, मल्टीपल ग्रेनेड लांचरों के माध्यम से भी संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश जारी है।
पूरा प्रयास है कि आतंकियों को जंगल से बाहर निकलने के लिए मजबूर किया जाए। एजेंसियों के अनुसार अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक आतंकियों का पता नहीं लगा लिया जाता। डोरिमल-गंभीर मुगला क्षेत्र घने जंगलों, गहरी खाइयों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाला क्षेत्र है। इस कारण तलाशी अभियान में चुनौतियां सामने आ रही हैं।
