राजस्थान के चूरू जिले में शनिवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ले ली है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे लोगों को तेज धूलभरी आंधी के बाद राहत महसूस हुई। चूरू शहर के साथ-साथ तारानगर क्षेत्र और मेहरी गांव समेत आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ धूल का गुबार छा गया।
रेत के कारण आसमान हुआ पीला
दोपहर के समय अचानक हवा की रफ्तार बढ़ने लगी और कुछ ही देर में आसमान धूल की परत से ढक गया। तेज आंधी के कारण सड़कों पर दृश्यता प्रभावित हुई, जबकि कई स्थानों पर धूल घरों और दुकानों के भीतर तक पहुंच गई। लोगों को कुछ समय के लिए आवाजाही में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हालांकि, आंधी का असर कम होने के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों ने गर्मी और लू से राहत की सांस ली। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मौसम के इस बदलाव को राहतभरा माना गया।
चूरू के अलावा ये तीन जिले भी प्रभावित
श्रीगंगानगर, बीकानेर और सीकर जिलों में धूल और रेत का जबरदस्त बवंडर देखने को मिला। आसमान में धूल छाने से दिन के समय भी अंधेरा महसूस हुआ। सड़कों पर चल रहे वाहनों को हेडलाइट का सहारा लेना पड़ा, जबकि आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ।राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण चूरू, श्रीगंगानगर, बीकानेर और सीकर में रेत का बवंडर आया। इस दौरान दिन में अंधेरा छा गया। वाहनों के भी लाइट जलाने पड़े। बवंडर के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
उधर, मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में मौसम के और अधिक सक्रिय रहने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी चलने की आशंका है। इसके अलावा कुछ इलाकों में गरज-चमक, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।

