नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को राजस्थान के सीकर में आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थी प्रदीप मेघवाल के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि प्रदीप मेघवाल की मौत केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि एक टूटी हुई और भ्रष्ट व्यवस्था का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस पूरे मामले के लिए जवाबदेह ठहराया।

दिल्ली स्थित एनएसयूआई कार्यालय में परिवार से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि देश के लाखों छात्र पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य के दबाव में जी रहे हैं। ऐसे में जब पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो केवल परीक्षा ही नहीं टूटती, बल्कि छात्रों के सपने और पूरे परिवार की उम्मीदें बिखर जाती हैं।
“अब इस व्यवस्था पर हमें कोई भरोसा नहीं रहा।”
यह आज कुछ NEET अभ्यर्थियों ने मुझसे कहा।
उनका ग़ुस्सा साफ़ दिख रहा था, और उनके सब्र का बाँध टूट चुका है। देश का युवा अब मोदी सरकार के भ्रष्टाचार और बेरुख़ी को और बर्दाश्त नहीं करेगा।
और याद रखिए – यही युवा इस व्यवस्था को बदलेगा। pic.twitter.com/8gk39dLxjN
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 27, 2026
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा “आज कुछ नीट अभ्यर्थियों ने मुझसे कहा कि अब इस व्यवस्था पर हमें कोई भरोसा नहीं रहा। उनका गुस्सा साफ दिख रहा था और उनके सब्र का बांध टूट चुका है। देश का युवा अब भ्रष्टाचार और बेरुख़ी को और बर्दाश्त नहीं करेगा।” उन्होंने आगे कहा कि प्रदीप मेघवाल जैसे होनहार छात्र की मौत ने देश की शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था को माफियाओं के हवाले कर दिया गया है और जिम्मेदार लोग अब भी अपनी कुर्सियों से चिपके हुए हैं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, राजस्थान के सीकर में रहने वाले छात्र प्रदीप मेघवाल ने कथित तौर पर अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि घटना के समय उनकी एक बहन कोचिंग क्लास गई हुई थी, जबकि दूसरी बहन बाथरूम में थी। प्रदीप ने नीट यूजी 2026 परीक्षा दी थी। हालांकि, परीक्षा में पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। इसी विवाद और मानसिक तनाव के बीच छात्र ने यह कदम उठाया। गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद लगातार विपक्ष के निशाने पर है। विपक्ष केंद्र सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग कर रहा है।

