Petrol-Diesel Price: भारत में पिछले करीब 13 दिनों से पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. तेल कंपनियों ने कई बार दाम बढ़ाए हैं, जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ गया है. दूसरी तरफ पाकिस्तान में सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए तेल की कीमतों में कटौती की है. यानी जहां भारत में तेल महंगा हो रहा है, वहीं पाकिस्तान में कुछ राहत देखने को मिली है. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर दोनों देशों पर पड़ा है, लेकिन दोनों सरकारों का तरीका अलग नजर आ रहा है. यहां हम इसी के बारे में विस्तार से जानेंगे और समझेंगे कि भारत और पाकिस्तान के हालात इस समय कैसे हैं.
भारत में पेट्रोल- डीजल का भाव क्या है?
भारत में पिछले 13 दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम करीब 7 से 8 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं. सिर्फ 10 दिनों के अंदर चार बार कीमतों में इजाफा किया गया. अभी दिल्ली में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है, जबकि मुंबई में पेट्रोल करीब 111 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. डीजल के दाम भी तेजी से बढ़े हैं. तेल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट, सब्जियां, दूध और रोजमर्रा की कई चीजों के दाम भी बढ़ने लगे हैं.
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पाकिस्तान में पेट्रोल- डीजल का भाव क्या है?
पाकिस्तान में कुछ समय पहले पेट्रोल की कीमतें 409 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थीं. वहां भी तेल संकट और महंगाई ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं. लेकिन पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम घटाए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने पेट्रोल करीब 6 रुपये प्रति लीटर और डीजल लगभग 6.80 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया है. नई कीमत के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल करीब 403 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच गया है. इससे पहले भी पाकिस्तान सरकार 5 रुपये प्रति लीटर तक की राहत दे चुकी है.
दोनों देशों का तरीका अलग क्यों है?
भारत में तेल कंपनियां लगातार बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और नुकसान का हवाला दे रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 13 रुपये और डीजल पर 38 रुपये प्रति लीटर तक नुकसान हो रहा है. इसी वजह से भारत में लगातार दाम बढ़ाए जा रहे हैं. वहीं, पड़ोसी देश की बात करें तो पाकिस्तान में सरकार ने बढ़ती नाराजगी और महंगाई को देखते हुए राहत देने का फैसला किया है. हालांकि, वहां की अर्थव्यवस्था पहले से भी ज्यादा दबाव में है, इसलिए सरकार को इससे निपटने के लिए सब्सिडी और टैक्स एडजस्टमेंट का सहारा लेना पड़ रहा है.
आम लोगों पर क्या असर?
भारत में लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से लोगों का ट्रैवल और घर का खर्च तेजी से बढ़ा है. सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार महंगाई को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. कई शहरों में पैनिक बाइंग तक देखने को मिली है. दूसरी तरफ पाकिस्तान में कीमतें घटने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन वहां भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं. फिलहाल दोनों देशों की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजार और मिडिल ईस्ट के हालात पर टिकी हुई है, क्योंकि तेल की अगली चाल वहीं से तय होगी.


