तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया हैं। काकोली घोष दस्तीदार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी की पार्टी ने लोकसभा सचेतक के पद से हटा दिया था। माना जा रहा है कि पार्टी के इस फैसले के बाद से ही वह नाराज चल रही थीं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस नहीं छोड़ रही हैं।वह बंगाल और वहां के लोगों के हित में एक आम कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी से जुड़ी रहेंगी।

क्या काकोली घोष भी देंगी टीएमसी को झटका?
इस बीच पश्चिम बंगाल में पूर्व सीएम ममता बनर्जी की करीबी रहीं काकोली घोष को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। टीएमसी ने काकोली घोष को हटाकर उनकी जगह कल्याण बनर्जी को पार्टी का मुख्य सचेतक बनाया था। काकोली घोष ने कुछ समय पहले ही बारासात जिला अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था।
कल्याण बनर्जी की पोस्ट ने अटकलों को दिया जोर
सियासी गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह भाजपा में शामिल हो सकती हैं। इन अटकलों को लोकसभा में पार्टी के नए चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी के एक पोस्ट ने और हवा दी है। कल्याण बनर्जी ने लिखा था, ‘आपकी आगे की यात्रा सुगम और आरामदायक हो। आपको और आपके परिवार को आने वाले शानदार भविष्य के लिए शुभकामनाएं।’
उन्होंने लिखा, ‘शायद अब आखिरकार आपके आस-पास के सभी दाग और विवाद धुल जाएंगे और साफ तौर पर मिट जाएंगे। शुभकामनाएं, यह नया अध्याय वहां सफल हो जहां पिछले सभी स्पष्टीकरण विफल रहे।’
