Pulse Price Hike: देशभर के लोग महंगाई से परेशान हैं. किसी को गैस सिलेंडर नहीं मिल रही है तो किसी के लिए अपनी स्कूटी- कार को सड़क पर निकालना सपना सा लगने लगा है. पेट्रोल- डीजल, सोना- चांदी तक की कीमत में आग लगी हुआ है. इसके अलावा एलपीजी, दूध, ब्रेड तक की कीमतें बढ़ गई हैं और अब बारी आई है दाल की. दाल की कीमतों ने काफी ऊंची छलांक मारी है. पहले और अब के भाव में काफी ज्यादा अंतर आया है. वैसे तो हमारे देश में दाल ज्यादातर आयात नहीं होते हैं, बावजूद इसके दालों की कीमत आखिर क्यों इतनी तेजी से भाग रही है ये भी आप यहां से समझ सकते हैं. यहां अलग- अलग दाल की कीमत भी बताई गई है.
| दाल के नाम | पुरानी कीमत (प्रति क्विंटल) | नए दाम (प्रति क्विंटल) |
| अरहर दाल | 9000 | 11800 |
| उड़द दाल | 7500 | 9000 |
| मसूर दाल | 5600 | 7500 |
| मूंग दाल | 9500 | 11000 |
| चना दाल | 7500 | 8500 |
क्या है खुदरा भाव?
- अरहर / तूर दाल: ₹115 से ₹150 प्रति किलो
- उड़द दाल (धुली/काली): ₹110 से ₹140 प्रति किलो
- मूंग दाल (धुली/छिलका): ₹95 से ₹130 प्रति किलो
- चना दाल: ₹80 से ₹95 प्रति किलो
- मसूर दाल: ₹85 से ₹110 प्रति किलो
क्यों बढ़ रहे हैं दाल के दाम?
दालों के दाम बढ़ने के पीछे कुछ खास वजह हैं. जैसे कि अगर ध्यान दें तो घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम में उतार-चढ़ाव और जमाखोरी से दाल की कीमत ज्यादा बढ़ती है. इसके अलावा, आयात की लागत में बढ़ोतरी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में उछाल के कारण माल ढुलाई महंगी होना भी इसका बड़ा कारण है. वैसे तो दाल ज्यादा आयात नहीं होता लेकिन बाजार में बढ़ रहे तनाव की वजह से इनकी कीमतों पर भी गहरा प्रभाव पड़ा है.

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