अमेरिका की विदेश नीति और वैश्विक कूटनीति को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रही जटिल परिस्थितियों और ईरान के साथ बातचीत के बीच अब्राहम समझौते का विस्तार समय की जरूरत है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ परमाणु और कूटनीतिक वार्ताओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ समझौता तभी सार्थक होगा जब यह क्षेत्र के व्यापक शांति ढांचे को मजबूत करे।
ईरान वार्ता को लेकर ट्रंप का दावा
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर समझौता होता है तो यह या तो बेहतर डील होगी या फिर कोई समझौता नहीं होगा। उनका कहना है कि किसी भी तरह की असफलता की स्थिति में क्षेत्र में तनाव और संघर्ष और अधिक बढ़ सकता है।
पश्चिम एशिया देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की अपील
अपने बयान में ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर, यूएई, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन जैसे देशों से अपील की है कि वे अब्राहम समझौते का हिस्सा बनें। अब्राहम समझौते को उन्होंने क्षेत्रीय शांति और आर्थिक विकास का एक सफल मॉडल बताया। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने कई क्षेत्रीय नेताओं के साथ बातचीत की है, जिनमें सऊदी अरब, यूएई, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के शीर्ष नेतृत्व शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि आर्थिक और सामाजिक रूप से भी ऐतिहासिक बदलाव ला सकता है।
ईरान को भी शामिल करने की संभावना
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अगर ईरान किसी समझौते पर हस्ताक्षर करता है, तो उसे भी भविष्य में अब्राहम समझौते में शामिल किया जा सकता है। उनका दावा है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थिरता, शक्ति और आर्थिक विकास को नई दिशा मिल सकती है। हालांकि, अभी तक संबंधित देशों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
होर्मुज पर टोल लगाने की तैयारी में ईरान
इसी बीच ईरान ने संकेत दिए हैं कि वे होर्मुज में टोल लगा सकते हैं। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने टैक्स लगाने की बात से इनकार किया है, लेकिन कुछ ऐसा कह दिया है, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ईरान फिलहाल टैक्स लगाने से भले ही इनकार कर रहा है, लेकिन भविष्य में टैक्स लगा सकता है। दरअसल ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन तटीय देशों के अधिकार में है, यहां ईरान टोल नहीं वसूलेगा, लेकिन जो सेवाएं दी जाएंगी उनके लिए उचित मूल्य लेना सामान्य बात है।
