छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच रविवार को तनाव की स्थिति बन गई। आंदोलनकारियों ने प्रशासन पर बलपूर्वक कार्रवाई का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि बिगड़ते स्वास्थ्य और खराब मौसम को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए गए।
आंदोलन के नेतृत्वकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि मैं न तो ड्रिप लगवाऊंगा और न ही कुछ खाऊंगा। मेरा आमरण अनशन जारी रहेगा। यदि मुझे जबरन कुछ खिलाने या ड्रिप चढ़ाने की कोशिश की गई, तो मैं पानी पीना और सांस लेना भी छोड़ दूंगा।
आंदोलनकारी दिव्या अहिरवार ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने विस्थापितों की जान की परवाह किए बिना आंदोलनकारियों को बलपूर्वक हटाया। उनका कहना है कि आदिवासी महिलाएं अपने बच्चों के साथ नदी पार कर रही थीं और उसी दौरान प्रदर्शन भी कर रही थीं। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जबरन पकड़कर हिरासत में लिया और गिरफ्तार कर लिया।
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दिव्या ने कहा कि परिवार और बुजुर्ग माता-पिता की समझाइश के बावजूद अमित भटनागर अपने अनशन पर अड़े हैं। यदि लोकतंत्र, संविधान और अपने हक-अधिकार की बात करना गुनाह है, तो यह गुनाह केवल अमित भटनागर ही नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाला हर युवा बार-बार करेगा।
प्रशासन ने जारी किया बयान
इधर, बिजावर एसडीएम विजय द्विवेदी ने बयान जारी कर कहा कि ग्राम कुपी स्थित बराना नदी के पास प्रदर्शन कर रहे अमित भटनागर और उनके कुछ साथियों की स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने लगी थी। उन्हें समझाइश देकर पुलिस की सहायता से बिजावर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।
एसडीएम ने बताया कि लगातार बारिश और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए प्रदर्शन में शामिल पन्ना जिले के अन्य लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें बस के माध्यम से सुरक्षित पन्ना रवाना कर दिया गया है।


