ईरान में बढ़ते संघर्ष और अस्थिरता के बीच भारतीय दूतावास ने रविवार को वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक नई और संशोधित एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने भारतीय नागरिकों को फिलहाल ईरान की यात्रा टालने की सख्त सलाह दी है। इसके साथ ही, जो भारतीय पहले से ही ईरान में मौजूद हैं, उन्हें अस्थायी रूप से देश छोड़ने पर विचार करने को कहा गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
क्या हैं दूतावास के निर्देश?
भारतीय दूतावास की ओर से जारी आधिकारिक एडवाइजरी के मुताबिक, सुरक्षा माहौल में सुधार होने तक किसी भी उद्देश्य के लिए ईरान जाने वाले भारतीय नागरिक अपनी यात्रा को स्थगित कर दें। जो भारतीय इस समय ईरान में ही हैं, उन्हें उपलब्ध उड़ान विकल्पों का उपयोग करके अस्थायी रूप से देश से बाहर निकल जाना चाहिए।
दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो भारतीय नागरिक किसी कारणवश ईरान में ही रुकने का विकल्प चुनते हैं, उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी। उन्हें हर पल की खबरों पर नजर रखनी होगी ताकि वे स्थिति से पूरी तरह वाकिफ रह सकें। इसके अलावा स्थानीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।
कहां है सबसे ज्यादा खतरा?
एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों को उन संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है जहां सैन्य गतिविधियां चरम पर हैं। मामले से जुड़े मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
तटीय इलाकों से दूरी: भारतीय नागरिकों को देश के दक्षिणी तट जैसे उच्च सैन्य गतिविधि वाले क्षेत्रों में जाने से पूरी तरह बचने को कहा गया है।
तत्काल रजिस्ट्रेशन: ईरान में मौजूद जिन भारतीयों ने अभी तक दूतावास में अपना विवरण पंजीकृत (रजिस्टर) नहीं कराया है, उन्हें तुरंत ऐसा करने का निर्देश दिया गया है।
अपडेट पर नजर: सभी नागरिकों को दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल को नियमित रूप से देखने की सलाह दी गई है।
समझौते से पीछे हटा ईरान: ईरानी उप-विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी के अनुसार, अमेरिका द्वारा प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन के बाद ईरान ने शांति समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत अपने दायित्वों को पूरा करना बंद कर दिया है।
सचेत अमेरिकी सेना: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, मध्य पूर्व में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक पूरी तरह सतर्क हैं और लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं।
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क्या है अमेरिका-ईरान तनाव की वजह?
हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर भड़क गया है, जिसमें दोनों पक्षों ने मध्य पूर्व में एक-दूसरे पर कई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ लगातार आठवें दिन हवाई हमलों के दौर को पूरा किया है। इन हमलों में ईरानी सैन्य तटीय निगरानी, हवाई रक्षा सुविधाओं, समुद्री क्षमताओं और मिसाइल व ड्रोन भंडारण स्थलों को निशाना बनाया गया है।
अमेरिकी कमांड के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है। अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को भी निशाना बनाया है, जिसने 17 जुलाई को जॉर्डन में अमेरिकी सेवा सदस्यों पर हमले किए थे। इसी जवाबी कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है।


