अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अगर उनकी सरकार ईरान के साथ कोई समझौता करती है तो वह “अच्छा और सही समझौता” होगा। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौर में हुए परमाणु समझौते पर निशाना साधते हुए कहा कि उस डील ने ईरान को भारी मात्रा में नकदी दी और परमाणु हथियार तक पहुंचने का खुला रास्ता दिया। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी संभावित डील पूरी तरह इसके उलट होगी और अमेरिका के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी।

ओबामा की डील पर ट्रंप ने क्या आरोप लगाए?
ट्रंप ने कहा कि ओबामा प्रशासन ने ईरान के साथ जो समझौता किया था, वह अमेरिका के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। उनके मुताबिक उस डील से ईरान को आर्थिक फायदा मिला और उसने अपनी परमाणु गतिविधियों को आगे बढ़ाने का मौका हासिल किया। ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ऐसी कोई गलती नहीं दोहराएगी। उन्होंने साफ कहा कि वह “खराब समझौते” नहीं करते और उनकी प्राथमिकता अमेरिका की सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता होगी। ट्रंप ने अपने विरोधियों पर भी निशाना साधा और कहा कि जो लोग इस संभावित समझौते की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें अभी इसकी पूरी जानकारी ही नहीं है।
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क्या अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई है नई डील?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी साफ किया कि ईरान के साथ संभावित समझौता अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है और अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ट्रंप के मुताबिक, अभी तक किसी ने इस डील को देखा नहीं है और न ही इसके सभी बिंदु तय हुए हैं। इसके बावजूद कुछ लोग लगातार आलोचना कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करेगी और हर कदम सोच-समझकर उठाया जाएगा।
ईरान को लेकर दुनिया की नजर क्यों बनी हुई है?
ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से वैश्विक राजनीति का बड़ा मुद्दा रहा है। अमेरिका और पश्चिमी देशों को आशंका रही है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है, जबकि ईरान हमेशा अपने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता रहा है। ऐसे में ट्रंप के बयान को काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच नई डील होती है तो उसका असर पश्चिम एशिया की राजनीति, वैश्विक सुरक्षा और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि दुनिया की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।

