Share Market Today: 22 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मजबूत संकेतों के साथ होती दिखी. भारतीय इक्विटी बाजार आज यानी शुक्रवार को बढ़त के साथ खुले. Nifty 50, 34 अंक या 0.15% की बढ़त के साथ 23,689 पर खुला, जबकि BSE Sensex 128 अंक या 0.17% की बढ़त के साथ 75,312 पर खुला. एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल देखने को मिला, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया.
दुनिया भर के निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान पश्चिम एशिया में चल रहे विवाद को सुलझा लेंगे, जिसके चलते वैश्विक बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला. इसके चलते GIFT Nifty में भी बढ़त के संकेत मिल रहे हैं, ये 130 अंक या 0.70% की बढ़त के साथ 23,624 पर कारोबार कर रहा है.
किसे हुआ नुकसान?
शुरुआती कारोबार में Max Healthcare Institute, ITC, Infosys, Titan और Dr Reddy’s Laboratories को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ.
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बाजार को मिले पॉजिटिव साइन
सुबह के कारोबार में जापान, दक्षिण कोरिया और दूसरे एशियाई बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिली. इसका असर भारतीय बाजार के मूड पर भी पड़ा. GIFT Nifty में आई मजबूती ने निवेशकों का भरोसा थोड़ा बढ़ाया. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार में अभी भी पूरी तरह स्थिरता नहीं आई है. ग्लोबल तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली अब भी चिंता का बड़ा कारण बने हुए हैं.
कल बाजार में दिखी थी कमजोरी
21 मई को बाजार में शुरुआती तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली थी. सेंसेक्स करीब 135 अंक टूटकर 75,183 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 23,654 के आसपास बंद हुआ था. दिनभर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव रहा. शुरुआत में तेजी थी लेकिन बाद में निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी. खासकर बैंकिंग और FMCG सेक्टर में दबाव दिखाई दिया.
किन सेक्टर्स पर रहेगी नजर?
आज IT और ऑटो सेक्टर के शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है. कमजोर रुपये की वजह से IT कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है. वहीं ऑटो कंपनियों में भी खरीदारी का माहौल बन सकता है. इसके अलावा तेल और गैस सेक्टर पर भी नजर रहेगी, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं.
विदेशी निवेशक अभी भी सावधान
विदेशी निवेशक यानी FIIs लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान संकट शुरू होने के बाद विदेशी निवेशकों ने बड़ी बिकवाली की है. यही वजह है कि बाजार में हर तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पा रही. मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक ग्लोबल हालात सामान्य नहीं होते, तब तक बाजार में volatility बनी रह सकती है.
तेल और डॉलर भी बढ़ा रहे टेंशन
इस समय सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर की मजबूती को लेकर है. तेल महंगा होने से भारत की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है और निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर होता है. इसके अलावा रुपये में कमजोरी भी बाजार के लिए चिंता बढ़ा रही है. हाल ही में रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था.
आगे कैसी रह सकती है चाल?
अगर निफ्टी 23,800 के ऊपर टिकता है तो बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है. वहीं, नीचे की तरफ 23,500 का स्तर काफी अहम माना जा रहा है. फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान तनाव, तेल कीमतों और विदेशी निवेशकों की चाल पर बनी हुई है. ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है.


