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डोनाल्ड ट्रंप के बीजिंग दौरे से पहले US की बड़ी कार्रवाई, ईरान की मदद के आरोप में चीनी कंपनियों पर बैन

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  • ईरान के मिसाइल कार्यक्रम में मदद करने वाले 10 पर भी बैन।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा से पहले ही अमेरिकी प्रशासन ने चीन पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति बुधवार (13 मई, 2026) से शुक्रवार (15 मई, 2026) को बीजिंग के आधिकारिक दौरे पर जाने वाले हैं, लेकिन इससे पहले ही अमेरिकी प्रशासन ने तीन चीनी सैटेलाइट इमेजिंग कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया हैं. दरअसल, चीनी कंपनियों पर आरोप है कि वे ईरान की मदद कर रहे हैं, इसलिए उन पर यह कार्रवाई की गई है.

प्रतिबंध की कार्रवाई पर अमेरिकी विदेश विभाग का आरोप

अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, चीन की जिन तीन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें मीनट्रोपी टेक्नोलॉजी (जिसे मिजार विजन के नाम से भी जाना जाता है), द अर्थ आई, और चांग गुआंग सैटेलाइट टेक्नोलॉजी शामिल है. विभाग ने कहा कि इन कंपनियों ने अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान ईरान को अमेरिकी और उसके सहयोगियों के सैन्य ठिकानों से जुड़ी टारगेटिंग इंटेलिजेंस और सैटेलाइन डेटा उपलब्ध कराया.

विभाग के मुताबिक, मीनट्रोपी टेक्नोलॉजी ने कुछ ओपन-सोर्स सैटेलाइट तस्वीरें प्रकाशित की थीं, जिसमें अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों की सैन्य गतिविधियों और ठिकानों की जानकारी दिखाई गई थी. वहीं, द अर्थ आई ने ईरान के अनुरोध पर दूसरे पक्ष का डेटा इकट्ठा कर तेहरान को उपलब्ध कराया.

यह भी पढ़ेंः पाकिस्तान ने छिपाए थे ईरान के फाइटर जेट्स, खुलासे के बाद आगबबूला हुए ट्रंप के करीबी, मध्यस्थता को लेकर कह दी बड़ी बात

इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान, चीन, बेलारूस और UAE से जुड़े 10 लोगों और संस्थाओं पर भी बैन लगाए हैं. इन पर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और शाहेद ड्रोन (UAV) कार्यक्रमों के लिए हथियारों और कच्चे माल की खरीद में मदद करने का आरोप है.

2017 में पिछली बार ट्रंप ने ही किया था चीन का दौरा

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने सोमवार (11 मई, 2026) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीजिंग यात्रा की आधिकारिक घोषणा की. उन्होंने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीजिंग की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे. पिछले नौ सालों में यह किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की पहली यात्रा होगी. इससे पहले साल 2017 में डोनाल्ड ट्रंप ने ही अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल में चीन का दौरा किया था.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग और राष्ट्रपति ट्रंप इस मुलाकात के दौरान चीन-अमेरिका के संबंधों, वैश्विक शांति और विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा करेंगे. ताइवान समेत कई अन्य मुद्दों को लेकर भी अमेरिका और चीन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में ट्रंप की यह यात्रा वैश्विक राजनीति और कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन अमेरिका के साथ समानता, सम्मान और पारस्परिक लाभ की भावना के आधार पर सहयोग बढ़ाने और मतभेदों को कम करने के लिए तैयार है. यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनावपूर्ण संघर्ष जारी है. इसके साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी को लेकर वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा रहा है.

यह भी पढे़ंः ‘ट्रंप का पूरा कार्यकाल थेरेपी सेशन है’, तेहरान का नया प्रस्ताव खारिज करने पर ईरानी दूतावास ने कसा तंज

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