दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने साफ कर दिया है कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे, जबकि संसद में उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। यह मामला उनके निजी फार्म ‘फाला फाला’ से जुड़ी उस घटना को लेकर है, जिसमें साल 2020 में बड़ी मात्रा में अमेरिकी डॉलर चोरी होने का मामला सामने आया था।


इस्तीफा दिया तो रिपोर्ट सही मानी जाएगी- रामाफोसा
सोमवार शाम राष्ट्र के नाम टीवी संबोधन में रामाफोसा ने कहा कि कुछ लोग उनसे इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जबकि कई लोग चाहते हैं कि वह पद पर बने रहें। उन्होंने कहा कि वह संविधान के तहत चल रही प्रक्रिया पूरी होने से पहले इस्तीफा नहीं देंगे। रामाफोसा ने कहा, ‘अगर मैं अभी इस्तीफा देता हूं तो इसका मतलब होगा कि मैं उस रिपोर्ट को सही मान रहा हूं, जिसमें कई गंभीर खामियां हैं। मैं दक्षिण अफ्रीका के लोगों की सेवा जारी रखूंगा और अपना कार्यकाल पूरा करूंगा।’
यह भी पढ़ें- US-ईरान संघर्ष के बीच बड़ा दावा: पाकिस्तान के एयरबेस पर छिपाए गए ईरानी विमान! अमेरिकी रिपोर्ट से मचा भूचाल
क्या है ‘फाला फाला’ विवाद?
यह विवाद ‘फाला फाला’ मामले को लेकर है। फाला फाला सिरिल रामफोसा का निजी फार्म है, जहां वह विदेशी नस्ल के मवेशी पाले जाते हैं। आरोप है कि साल 2020 में फार्म से करीब 5.8 लाख अमेरिकी डॉलर चोरी हो गए थे। बताया गया कि यह रकम एक चमड़े के सोफे के अंदर छिपाकर रखी गई थी।
राज्य सुरक्षा एजेंसी के पूर्व प्रमुख ने दर्ज कराई थी शिकायत
हालांकि यह मामला दो साल तक सार्वजनिक नहीं हुआ। बाद में दक्षिण अफ्रीका की राज्य सुरक्षा एजेंसी के पूर्व प्रमुख आर्थर फ्रेजर ने राष्ट्रपति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया गया कि रामाफोसा ने न तो इतनी बड़ी रकम की जानकारी अधिकारियों को दी और न ही चोरी की घटना की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई। रामाफोसा ने उस समय दावा किया था कि यह पैसा सूडान के कारोबारी मुस्तफा मोहम्मद इब्राहिम हाजिम को भैंस बेचने से मिला था। लेकिन इस मामले ने कानूनी और नैतिक सवाल खड़े कर दिए।
जांच के लिए संसद की स्वतंत्र जांच समिति बनी
इसके बाद संसद की एक स्वतंत्र जांच समिति बनाई गई थी। समिति ने शुरुआती रिपोर्ट में कहा था कि राष्ट्रपति ने संभवतः कानून का गंभीर उल्लंघन किया हो सकता है। इसके चलते 2022 में उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू होने की स्थिति बन गई थी। हालांकि बाद में दक्षिण अफ्रीका के रिजर्व बैंक और पब्लिक प्रोटेक्टर ने रामाफोसा को कुछ कानूनी आरोपों से राहत दे दी थी। उनका कहना था कि भैंसों की बिक्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, इसलिए रकम घोषित करना कानूनी रूप से जरूरी नहीं था।
यह भी पढ़ें- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का चीन दौरा: शी जिनपिंग से मुलाकात पर टिकी निगाहें, व्यापारिक तनाव कम होने की उम्मीद
दक्षिण अफ्रीकी अदालत ने कहा- संसद की रिपोर्ट की खारिज
अब यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है। पिछले शुक्रवार दक्षिण अफ्रीका की संवैधानिक अदालत ने फैसला दिया कि संसद ने 2022 में जांच रिपोर्ट को खारिज करके गलत और असंवैधानिक काम किया था। अदालत ने आदेश दिया कि इस रिपोर्ट को औपचारिक महाभियोग समिति के पास भेजा जाए। इसके बाद संसद की स्पीकर थोको डिडिजा ने घोषणा की कि अदालत के आदेश का पालन करते हुए महाभियोग समिति बनाई जाएगी। यह समिति सार्वजनिक सुनवाई करेगी और फाला फाला मामले में राष्ट्रपति की भूमिका की जांच करेगी।
