पीएम नरेंद्र मोदीकी ओर से देश में पेट्रोल-डीजल के इस्तेमाल में किफायत बरतने की अपील के बाद घरेू शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट दिखी। दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों की चौतरफा बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी सोमवार को औंधे मुंह गिर गए। सेंसेक्स 1,312.91 अंक गिरकर 76,015.28 पर बंद हुआ; निफ्टी 360.30 अंक गिरकर 23,815.85 पर आ गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 85 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 95.34 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
वहीं, विदेशी मुद्रा बाजार में भी भारतीय मुद्रा ने एक ऐतिहासिक और चिंताजनक गिरावट दर्ज की है, जहां अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम
बाजार में लगातार बने दबाव के बीच आज का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए भारी नुकसान वाला साबित हुआ।
- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1,312.91 अंकों की भारी गिरावट के साथ 76,015.28 के स्तर पर बंद हुआ।
- दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी भी 360.30 अंक टूटकर 23,815.85 के स्तर पर आ गया।
मुद्रा बाजार में क्या चल रहा?
शेयर बाजार की इस चौतरफा बिकवाली के साथ-साथ मुद्रा बाजार में भी रुपये की स्थिति बेहद कमजोर नजर आई।
- डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 85 पैसे की बड़ी गिरावट का शिकार हुआ।
- इस भारी गिरावट के साथ रुपया 95.34 (अस्थायी) के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ है।
शेयर बाजार में 1300 से अधिक अंकों की इस बड़ी गिरावट और रुपये के अपने ऐतिहासिक निचले स्तर (95.34) पर पहुंचने से बाजार का समग्र सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है। सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट के साथ-साथ डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना अर्थव्यवस्था और निवेशकों के लिए एक बड़ा घटनाक्रम है।

