दिल्ली से लौटते समय सड़क हादसे में भागलपुर के कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रवीण सिंह कुशवाहा की मौत हो गई। इस हादसे में उनकी साली, भतीजा और ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि दिल्ली से लौटते समय कन्नौज के पास यह दुर्घटना हुई। राहगीरों और पुलिस की मदद से सभी को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार शाम करीब 6:00 बजे डॉक्टरों ने प्रवीण सिंह कुशवाहा को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य तीनों घायलों का इलाज जारी है।

नवनियुक्त जिला अध्यक्ष बने थे प्रवीण सिंह कुशवाहा
करीब एक महीने पहले ही कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा को जिला अध्यक्ष बनाया गया था। जिला कांग्रेस के नेताओं ने इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और बिहार प्रभारी कृष्ण अल्लावरु के प्रति आभार व्यक्त किया था। कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रवीण सिंह कुशवाहा जैसे समर्पित और जमीनी नेता के चयन से जिले में पार्टी को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।
संगठन और पार्टी को लेकर दिया था बड़ा बयान
करीब 20 दिन पहले भागलपुर जिला कांग्रेस भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रवीण सिंह कुशवाहा ने कहा था कि उनके जीवन में संगठन और पार्टी से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी के प्रति आभार जताया था। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने उन्हें संघर्षशील नेता बताते हुए कहा था कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई धार मिलेगी।
हादसे से कुछ घंटे पहले किया था सोशल मीडिया पोस्ट
हादसे के करीब छह घंटे पहले प्रवीण सिंह कुशवाहा ने बिहार के युवक पांडव कुमार की हत्या में न्याय की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था कि “दिल्ली की सड़कों पर एक और बिहारी युवा की जान चली गई। पांडव कुमार एक सपना, एक उम्मीद था, जिसे सत्ता की चुप्पी और सिस्टम की गोली ने खत्म कर दिया।” उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या यही डबल इंजन सरकार का न्याय है और क्या इसी दिन के लिए “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” का नारा दिया गया था।
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विधानसभा चुनाव में भी आजमा चुके थे किस्मत
गौरतलब है कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में प्रवीण सिंह कुशवाहा ने भागलपुर की विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था। इस सीट पर राजद ने भी अपना प्रत्याशी उतारा था, लेकिन चुनाव परिणाम में प्रवीण सिंह कुशवाहा काफी पीछे रह गए थे।