एमसीडी को बुधवार को नया मेयर और डिप्टी मेयर मिलने जा रहा है। कुछ अप्रत्याशित नहीं हुआ तो दोनों पदों के लिए होने वाला चुनाव निकाय में भाजपा पार्षदों की संख्या के हिसाब से एकतरफा माना जा रहा है। मुख्य विपक्षी दल आम आदमी पार्टी ने न उम्मीदवार उतारे हैं और न मतदान में भागीदारी के लिए रुख स्पष्ट किया है। ऐसे में मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच सीमित हो गया है।

भाजपा ने मेयर पद के लिए वरिष्ठ पार्षद प्रवेश वाही जबकि डिप्टी मेयर पद के लिए मोनिका पंत को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने मेयर पद पर वरिष्ठ पार्षद जरीफ और डिप्टी मेयर पद पर राजेश गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में 250 चुने हुए पार्षद, लोकसभा के सात सांसद और राज्यसभा के तीन सांसद व विधानसभा अध्यक्ष की ओर से मनोनीत 14 विधायक मतदान कर सकते हैं। एक पार्षद का निधन होने से इस चुनाव में 274 मतदाता मेयर और डिप्टी मेयर प्रत्याशी की हार-जीत तय करेंगे। जीतने के लिए 137 वोट की जरूरत है।
एमसीडी सदन में भाजपा के पास पार्षदों, विधायकों और सांसदों के 142 वोट हैं। उसे इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 15 पार्षदों का समर्थन भी हासिल है। इस तरह भाजपा का आंकड़ा जीत के जादुई आंकड़े से भी ज्यादा 157 है। कांग्रेस के पास नौ वोट हैं जबकि आम आदमी पार्टी के पास 105 मतदाता है लेकिन आप ने चुनाव में हिस्सा नहीं लेने के संकेत दिए हैं। आप के चुनाव से पीछे हटने से भाजपा को सीधा लाभ मिला है। कांग्रेस ने मुकाबले को औपचारिक रूप दिया है लेकिन संख्या बल की कमी उसकी सबसे बड़ी चुनौती है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए भाजपा की वरिष्ठ पार्षद और वर्तमान मेयर राजा इकबाल सिंह को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया है।
एमसीडी में दलीय स्थिति
मेयर चुनाव से दूर रहेगी आप, स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव में करेगी भागीदारी
एमसीडी में मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने बड़ा सियासी फैसला लेते हुए इन दोनों चुनावों का बहिष्कार करने की घोषणा की है। आप के पार्षद, सांसद और विधायक मेयर व डिप्टी मेयर चुनाव के दौरान सदन में मौजूद नहीं रहेंगे। हालांकि, स्थायी समिति के तीन सदस्यों के चुनाव के दौरान पार्टी सदन में भागीदारी करेगी।
स्थायी समिति के लिए तीन सीटों पर तीन ही नामांकन दाखिल हैं। इनमें भाजपा के दो पार्षद और आम आदमी पार्टी का एक पार्षद शामिल है। ऐसे में तीनों सदस्यों का निर्वाचन बिना मतदान के तय माना जा रहा है। यही वजह है कि आप इस प्रक्रिया में शामिल होगी ताकि उसका एक सदस्य समिति में पहुंच सके। मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव से दूरी को आप ने सियासी रणनीति बताया है। पार्टी का कहना है कि वह भाजपा को एक और मौका देना चाहती है ताकि राजधानी की जनता भाजपा के कामकाज का आकलन कर सके। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि पार्टी ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला सोच-समझकर लिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने समर्थन नहीं मांगा है।
नारंग के अनुसार, भाजपा को लगातार जिम्मेदारी मिल रही है और अब उसके पास बहाने की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी की मंशा भाजपा को उसकी नाकामियों से बचने का अवसर नहीं देने की है। उनका कहना था कि अगर भाजपा सत्ता में है, तो उसे अपने वादों और दावों पर खरा उतरना होगा। इस तरह मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। आप के बहिष्कार से मुकाबला सीमित हो गया है, जिससे भाजपा की राह और आसान हो गई है।
मेयर चुनाव को लेकर भाजपा अलर्ट, क्रॉस वोटिंग पर सख्त चेतावनी
एमसीडी के मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर भाजपा ने कांग्रेस की चुनौती को गंभीरता से लेते हुए रणनीतिक तैयारी की है। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की अध्यक्षता में आयोजित विशेष बैठक में सभी भाजपा पार्षदों को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने और पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्षदों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में भाजपा के सभी पार्षदों के अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद योगेंद्र चांदोलिया, कमलजीत सहरावत और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल भी मौजूद थीं। पार्टी नेतृत्व ने चुनाव को संगठनात्मक अनुशासन और राजनीतिक प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए सभी जनप्रतिनिधियों से एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। बैठक में पहली बार दिल्ली भाजपा कार्यालय पहुंचीं राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल का विशेष स्वागत हुआ। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, हर्ष मल्होत्रा, योगेंद्र चांदोलिया, कमलजीत सहरावत और भाजपा महामंत्री विष्णु मित्तल ने उन्हें पार्टी पटका पहनाकर सम्मानित किया।
इसके अलावा दिल्ली भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर, कार्यालय मंत्री बृजेश राय और सह कार्यालय मंत्री अमित गुप्ता ने प्रदेश कार्यालय के प्रवेश द्वार पर पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। भाजपा सूत्रों के अनुसार, मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में पार्टी किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहती। हालांकि संख्या बल के आधार पर भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, फिर भी पार्टी नेतृत्व हर वोट को महत्वपूर्ण मानते हुए अनुशासन बनाए रखने पर जोर दे रहा है। पार्टी का लक्ष्य स्पष्ट है कि एमसीडी में नेतृत्व बनाए रखना और विपक्ष को कोई राजनीतिक अवसर न देना।

