कान्हा टाइगर रिजर्व के सरही वन परिक्षेत्र में एक और नर बाघ शावक का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। ईंटावारे नाला (बीट सरहीनकान, कक्ष क्रमांक 669/68) में यह मामला सामने आया। इसके साथ ही एक महीने के भीतर बाघों की मौत का आंकड़ा अब तीन हो गया है।

जानकारी के अनुसार मृत शावक उसी का भाई बताया जा रहा है, जिसका शव 21 अप्रैल को बड़े अमाही नाला के पास मिला था। इससे पहले 3 अप्रैल को बाघिन टी-122 की भी मौत हो चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
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भूख से मौत की आशंका
प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि शावक को पर्याप्त पोषण या मां का दूध नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हुई हो सकती है। बताया जा रहा है कि संबंधित बाघिन ने चार शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से अब दो की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी दो शावकों पर वन विभाग की निगरानी बनी हुई है।
जांच में जुटा वन विभाग
घटना की सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और क्षेत्र को सुरक्षित कर डॉग स्क्वाड व हाथियों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। मामले की जानकारी NTCA और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, भोपाल को दी गई है।
विशेषज्ञ टीम डॉ. निधि राजपूत, डॉ. अखिलेश मिश्रा और डॉ. विशाल उद्दे की मौजूदगी में शावक का पोस्टमार्टम किया गया। शव सड़ी-गली अवस्था में मिलने से प्रथम दृष्टया मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। एनटीसीए की निर्धारित प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। अब सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
पिछले आठ महीनों में कान्हा टाइगर रिजर्व में 9 बाघ और 5 तेंदुओं की मौत दर्ज की जा चुकी है। वहीं पिछले तीन महीनों में ही 3 बाघों की मौत ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

