देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main 2026 के नतीजे घोषित हो गए हैं और एक बार फिर सफलता का केंद्र ‘कोचिंग सिटी’ कोटा ही साबित हुआ है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी परिणामों में कोटा का दबदबा इस कदर रहा कि देश के टॉप-10 में से 4 छात्र इसी शहर से हैं। इस गौरवशाली सूची में सबसे ऊपर नाम चमका है कबीर छिल्लर का, जिन्होंने 300 में से पूरे 300 अंक हासिल कर ‘ऑल इंडिया रैंक-1’ (AIR-1) पर अपना कब्जा जमाया है।
26 छात्रों ने हासिल किया 100 पर्सेंटाइल
इस साल के नतीजे जितने रोमांचक हैं, उतने ही चौंकाने वाले भी। पूरे देश से कुल 26 प्रतिभाशाली छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल का ‘परफेक्ट स्कोर’ हासिल कर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। हालांकि इन नतीजों का एक पहलू यह भी रहा कि 100 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले सभी 26 उम्मीदवार पुरुष छात्र हैं, इस बार टॉपर्स की इस विशिष्ट सूची में कोई भी छात्रा जगह नहीं बना पाई है। इन सबके बीच, कबीर छिल्लर का शत-प्रतिशत अंक लाना उनकी असाधारण मेहनत और एकाग्रता की कहानी बयां करता है।
11 लाख की भीड़ और कोटा के जांबाजों का जलवा
जेईई मेन 2026 के सेशन-2 में लगभग 11.23 लाख अभ्यर्थियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। इतनी भीषण प्रतिस्पर्धा के बावजूद कबीर छिल्लर ने न केवल टॉप किया, बल्कि परफेक्ट स्कोर के साथ सबको अचंभित कर दिया। कबीर की इस जीत के साथ-साथ टॉप-10 में शामिल कोटा के अन्य तीन छात्रों (5वीं, 6वीं और 8वीं रैंक) ने यह साफ कर दिया है कि इंजीनियरिंग का सपना देखने वालों के लिए कोटा आज भी पहली पसंद है।
परिवार का शैक्षणिक माहौल बना ताकत
कबीर के पिता मोहित छिल्लर खुद आईआईटीयन हैं और फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उनकी मां प्रियंका छिल्लर एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका हैं। कबीर इससे पहले 10वीं कक्षा में 98 प्रतिशत अंक ला चुके हैं। कबीर का कहना है कि उनकी सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण फैकल्टी का सही मार्गदर्शन और खुद की पढ़ाई पर फोकस रहा। उन्होंने हर टेस्ट के बाद अपना मूल्यांकन किया और जहां कमी महसूस हुई, उसे सुधारने के लिए मेहनत की।
मॉक टेस्ट, डीप एनालिसिस और कॉन्सेप्ट क्लियरिटी पर जोर
कबीर ने नियमित मॉक टेस्ट दिए और हर पेपर के उत्तरों को गहराई से समझा। उन्होंने रटने की बजाय हर टॉपिक को समझने और उसे परीक्षा में सही तरीके से लागू करने पर ध्यान दिया। उन्होंने अपनी पढ़ाई को छोटे-छोटे लक्ष्यों में बांटा, शॉर्ट नोट्स बनाए और नियमित रिवीजन को आदत बना लिया। हर टेस्ट के बाद कमजोरियों पर काम किया और गलतियों को दोहराने से बचने की रणनीति अपनाई।
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आईआईटी मुंबई और एमआईटी में पढ़ाई का सपना
कबीर का लक्ष्य आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने का है। इसके बाद वह दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थान मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं।

