अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जो समझौता किया जा रहा है, वह (पूर्व राष्ट्रपति) बराक ओबामा और जो बाइडन की ओर से किए गए संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) से कहीं बेहतर होगा। यहां जेसीपीओए का मतलब ओबामा और बाइडन के कार्यकाल में ईरान के साथ किए गए परमाणु समझौते से है।

उन्होंने उस पुराने समझौते को अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक और सबसे खराब समझौतों में से एक बताया। ट्रंप ने दावा किया कि उस समझौते से ईरान को परमाणु हथियार बनाने का रास्ता मिल सकता था, जिसे उनकी सरकार ने रोका। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय ईरान को अरबों डॉलर नकद में दिए गए और यह पैसा अमेरिकी बैंकों से निकाला गया।
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ट्रंप के अनुसार, अगर वह समझौता खत्म नहीं किया गया होता, तो पश्चिम एशिया और इस्राइल समेत कई क्षेत्रों में परमाणु हथियारों का खतरा बढ़ सकता था। उन्होंने कहा कि अगर उनके नेतृत्व में कोई नया समझौता होता है, तो वह पूरी दुनिया में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और पिछली सरकारों की गलतियों को सुधारेगा।


