प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (16 जून 2026) को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 समिट के एक आउटरीच सत्र से पहले मुलाकात की और एक-दूसरे का अभिवादन किया.दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और जी-7 के ‘नई साझेदारी बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को मजबूत करना’ विषय पर होने वाले सत्र से पहले थोड़ी बातचीत की. द्विपक्षीय संबंधों में जारी तनाव के बीच, 16 महीनों में दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात थी.
ट्रेड डील पर बन सकती है बात
पीएम मोदी और ट्रंप गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए दिखे और उसके बाद उन्होंने थोड़ी बातचीत भी की. दोनों नेताओं की बुधवार (17 जून 2026) को सम्मेलन के इतर द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है. पिछले साल फरवरी में प्रधानमंत्री के अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलने के लिए वॉशिंगटन जाने के बाद से मोदी और ट्रंप की यह पहली मुलाकात थी. दोनों नेताओं की बुधवार को होने वाली बैठक के दौरान द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए चल रही बातचीत और रक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों सहित संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा किये जाने की उम्मीद है.
फोकस में रहेगा ये एजेंडा
यह व्यापार समझौता एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, जिसकी परिकल्पना पिछले साल फरवरी में प्रधानमंत्री मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान की गई थी. पीएम मोदी और ट्रंप मिडिल ईस्ट संकट और रूस-यूक्रेन जंग जैसी अहम वैश्विक चुनौतियों पर भी अपने विचार साझा कर सकते हैं. इसके अलावा बैठक में आर्थिक विकास, सप्लाई चेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), निवेश साझेदारी और दुनिया की सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.

इन वजहों से बिगड़े भारत-US के हालात
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की पिछले महीने भारत यात्रा के बाद, दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों को फिर से बेहतर बनाने की उम्मीद कर रहे हैं. मार्को रुबियो ने पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से उन्हें ‘निकट भविष्य’ में व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया था. उन्होंने भारत को हिंद-प्रशांत को लेकर तैयार अमेरिकी नीति का ‘आधार’ बताया था. ट्रंप की ओर से मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को रोकने में अहम भूमिका निभाने के दावे किये जाने और भारत पर दंडात्मक शुल्क लगाए जाने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में भारी गिरावट आई.
ओमान तट पर यूएस ने भारतीयों पर किया हमला
अमेरिका की नई इमिग्रेशन पॉलिसी और H1B वीजा शुल्क बढ़ाने के फैसले ने भी भारत-अमेरिका संबंधों में गिरावट में योगदान दिया. हालांकि, पिछले कुछ महीनों में दोनों पक्षों ने रिश्तों को सुधारने की कोशिशें कीं और जल्द ही आपसी हित वाले व्यापार समझौते को अमली जामा पहनाने की दिशा में काम शुरू किया. पिछले हफ्ते, दोनों देशों के रिश्तों में तब नए सिरे से तनाव पैदा हो गया जब ओमान के तट के पास अमेरिकी सेना ने तीन वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया और इन हमलों में तीन भारतीय नाविक मारे गए.
हमलों में एक जहाज पर सवार तीन भारतीयों की मौत हो गई, जिसके बाद भारत ने अमेरिका के दूतावास प्रभारी जेसन मीक्स को तलब किया और उनसे कहा कि भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सेना के जानलेवा और घातक हमले स्वीकार्य नहीं हैं. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी रुबियो के समक्ष यह मुद्दा उठाया. प्रधानमंत्री मोदी जी7 सम्मेलन के दौरान दुनिया के कई अन्य नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे.
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