अमेरिकी सीनेट ने केविन वार्श के नाम पर मुहर लगा दी है। वे अब दुनिया के सबसे शक्तिशाली केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष होंगे। एक ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था महंगाई और युद्ध के साये में है, वार्श की नियुक्ति ने आर्थिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
कौन हैं केविन वार्श?
56 वर्षीय वार्श कोई नया चेहरा नहीं हैं। वे पहले भी फेडरल रिजर्व के शीर्ष अधिकारी रह चुके हैं। उनकी पहचान एक ऐसे अनुभवी अर्थशास्त्री की है जो बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आम आदमी की जरूरतों को समझने का दावा करते हैं। सीनेट में उनके पक्ष में दलील देते हुए जॉन थ्यून ने कहा कि वार्श उन मेहनतकश अमेरिकियों के दर्द को समझते हैं जिनकी नौकरियां और आजीविका ब्याज दरों पर टिकी होती है।
ट्रंप ने उन्हें क्यों चुना?
अमेरिकी राष्ट्रपि डोनाल्ड ट्रंप और निवर्तमान फेड प्रमुख जेरोम पॉवेल के बीच तल्खी जगजाहिर है। ट्रंप ने वार्श को चुनकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वे फेडरल रिजर्व में ‘सत्ता परिवर्तन’ चाहते हैं।
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद: ट्रंप खुलेआम कह चुके हैं कि उन्हें ऐसा फेड अध्यक्ष चाहिए जो शेयर बाजार चढ़ने पर ब्याज दरें कम करे। व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट के अनुसार, बाजार को उम्मीद है कि वार्श समय के साथ दरों में कटौती करेंगे।
वफादारी का सवाल: विपक्षी डेमोक्रेट्स ने वार्श की आलोचना करते हुए उन्हें ट्रंप का कठपुतली तक कह दिया है। हालांकि, वार्श ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ट्रंप ने उन पर दरों को लेकर कभी दबाव नहीं बनाया और वे एक स्वतंत्र अध्यक्ष के रूप में काम करेंगे।
महंगाई, युद्ध और आंतरिक कलह: चुनौतियों का त्रिकोण
केविन वार्श के लिए यह सफर आसान नहीं होने वाला है। उनके सामने तीन मुख्य चुनौतियां हैं।
महंगाई की मार: अमेरिका में महंगाई का लक्ष्य दो फीसदी है, लेकिन पिछले पांच वर्षों से यह इसके ऊपर बनी हुई है। ईरान युद्ध के कारण गैस की कीमतों में 50% का उछाल आया है, जिससे अप्रैल में महंगाई 3.8% तक पहुंच गई। वार्श को तय करना होगा कि वे दरें घटाकर ट्रंप को खुश करेंगे या बढ़ाकर महंगाई रोकेंगे।
शक्ति के दो केंद्र: निवर्तमान अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने पद छोड़ने के बाद भी फेड बोर्ड में बने रहने का फैसला किया है। यह 1948 के बाद पहली बार होगा कि कोई पूर्व अध्यक्ष बोर्ड में रहकर नए अध्यक्ष के साथ काम करेगा। इससे फेड के भीतर पावर स्ट्रगल की स्थिति बन सकती है।
पारदर्शिता पर सवाल: वार्श अमेरिका के इतिहास के सबसे अमीर फेड अध्यक्ष होंगे। उनकी संपत्ति 100 मिलियन डॉलर करीब 840 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें स्पेसएक्स और पॉलीमार्केट जैसी कंपनियों में हिस्सेदारी शामिल है। उन्होंने 90 दिनों के भीतर अपनी संपत्ति बेचने का वादा किया है, लेकिन विपक्ष इसे हितों का टकराव मान रहा है।

