अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना के तीन जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी सेना ने इन हमलों को बीच में ही रोक दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, गुरुवार को अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे, तभी ईरान की ओर से ‘बिना उकसावे’ के हमला किया गया। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने आत्मरक्षा में ईरान के उन सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की, जहां से हमले किए गए थे। अमेरिका ने कहा कि उसके किसी भी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा है और वह युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने की हमले की पुष्टि
इसे लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा- अमेरिका के तीन बड़े युद्धपोत सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर गए, जबकि उन पर हमला किया गया था। ट्रंप के मुताबिक, इन जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन जवाबी कार्रवाई में ईरान के हमलावर पूरी तरह तबाह हो गए। कई छोटी नावें भी समुद्र में डुबो दी गईं, जिनका इस्तेमाल ईरान अपनी कमजोर पड़ चुकी नौसेना की जगह कर रहा था। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे गए, लेकिन अमेरिकी सेना ने सभी हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान सामान्य देश की तरह व्यवहार नहीं कर रहा और वहां ‘कट्टरपंथी’ लोग सत्ता चला रहे हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने जल्द समझौता नहीं किया तो अमेरिका भविष्य में और ज्यादा कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी युद्धपोत अब फिर से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी में शामिल होंगे, जिसे उन्होंने ‘स्टील की दीवार’ बताया।
(ये खबर अपडेट की जा रही है)