पश्चिम एशिया में तनाव के बीच दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े हालात और गंभीर हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों में इस समुद्री मार्ग से एक भी जहाज नहीं गुजरा। यह वही रास्ता है जहां से सामान्य दिनों में रोजाना 130 से ज्यादा जहाज आते-जाते थे। इस स्थिति ने वैश्विक तेल सप्लाई, व्यापार और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

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ईरान के खिलाफ यूएन में प्रस्ताव लाने की तैयारी
रूसी मीडिया ने मरीन ट्रैफिक डेटा के हवाले से बताया कि अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद इस इलाके में जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह रुक गई है। दूसरी ओर अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार खाड़ी देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस प्रस्ताव में ईरान पर आरोप लगाया गया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले कर रहा है और ‘गैरकानूनी टोल’ वसूल रहा है।
खाड़ी देशों ने संयुक्त राष्ट्र में की अपील
कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात के वरिष्ठ राजनयिकों ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि इस समुद्री मार्ग पर पहले जैसी सामान्य आवाजाही बहाल करना बेहद जरूरी है। यह प्रस्ताव सऊदी अरब, कुवैत और अमेरिका के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा है। इसमें ईरान से मांग की गई है कि वह समुद्री रास्ते में बिछाई गई सभी बारूदी सुरंगों की जानकारी दे और राहत सामग्री, खाद तथा जरूरी सामान पहुंचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता व्यवस्था में सहयोग करे।
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ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का लगाया आरोप
वहीं ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर-सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर कहा कि अमेरिकी सैन्य गतिविधियां युद्धविराम का खुला उल्लंघन हैं। ईरान का दावा है कि जास्क पोर्ट और होर्मुज क्षेत्र के पास उसके दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया और तटीय इलाकों पर भी हमले हुए। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका की सैन्य गतिविधियां इसी तरह जारी रहीं तो इसके ‘भयावह परिणाम’ हो सकते हैं, जो केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति और वैश्विक व्यापार को भी प्रभावित करेंगे।
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