- परिणामस्वरूप, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, भारत भी प्रभावित होगा.
Hormuz Strait Crisis Update: दक्षिण कोरिया की बड़ी शिपिंग कंपनी सिनोकोर मर्चेंट मरीन (Sinokor Merchant Marine) ने अपने क्रू मेंबर्स को छह महीने की सैलरी के बराबर बोनस देने का ऑफर दिया है. बशर्ते उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से एक राउंड ट्रिप पूरा करना होगा.
सिनोकोर का यह ऑफर शिपिंग इंडस्ट्री में अब तक के सबसे बड़े ‘Danger Allowance’ में से एक है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. सिनोकोर के इस प्रस्ताव के मुताबिक, अगर क्रू मेंबर्स ने सऊदी अरब या इराक से तेल की लोडिंग से ओमान की खाड़ी में अनलोड करने तक, एक महीने के राउंड-ट्रिप को पूरा कर लिया, तो उन्हें 6 महीने की एक्स्ट्रा सैलरी दी जाएगी.
अभी रिस्क जोन में होर्मुज
ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य संघर्ष और ताबड़तोड़ मिसाइल हमलों से यह पूरा इलाका अभी काफी संवेदनशील बना हुआ है. ऐसे में सऊदी अरब से ओमान की खाड़ी तक आने-जाने के लिए जहाजों को दो बार इस समुद्री रास्ते की सैर लगानी होगी. एक बार खाली जहाज ले जाते वक्त और फिर उसे लोड कर ले आते वक्त. इसी चुनौती को देखते हुए क्रू मेंबर्स को 6 महीने का अतिरिक्त वेतन ऑफर किया गया है.
शिपिंग कॉस्ट में तगड़ा उछाल
जब क्रू की सैलरी 6 गुना बढ़ा दी जाएगी और जहाजों का वॉर-रिस्क प्रीमियम भी बढ़ जाएगा, तो तेल की प्रति लीटर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट भी कई गुना बढ़ जाएगा. अब जब दूसरी कंपनियां सिनोकोर की तरह मोटा बोनस नहीं दे पाएगी, तो उनके क्रू मेंबर्स उस रूट में जाने से इंकार कर देंगे. इससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की भारी किल्लत हो सकती है. नतीजतन, क्रूड ऑयल 100 डॉलर या उसके पार पहुंच सकता है.
चूंकि भारत अपने हिस्से का अधिकतर कच्चा तेल इराक और सऊदी अरब से ही मंगाता है. ऐसे में सिनोकोर द्वारा डेंजर अलाउंस को इस कदर बढ़ाना यह दिखाता है एनर्जी पर संकट कितना गहरा रहा है.यही डर इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का बड़ा कारण बना.
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