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होर्मुंज से चमका देकर आए जया, डोरना और फेलिसिटी! भारत पहुंचा 60 लाख बैरल ईरानी तेल, दुनिया हैरान

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Iran Crude Oil News: ईरान युद्ध के बाद होर्मुज पर तनाव, कड़े प्रतिबंधों और नाकाबंदी के बीच भारतीय जहाज धुरंधर बन गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान से कच्चे तेल की एक बड़ी खेप भारतीय तट पर पहुंच गई है. बताया जा रहा है कि पिछले एक हफ्ते में भारत ने ईरान से लगभग 60 लाख बैरल तेल खरीदा है. इसकी तीसरी खेप आज बंदरगाहों पर पहुंच गई है.

जहां एक और युद्ध की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल कर रहा है. ताजा जानकारी के अनुसार ईरानी सुपरटेंकर ‘डोरना’ 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत के दक्षिणी तट पर पहुंच चुका है.  पिछले सात दिनों के भीतर भारत पहुंचने वाली यह तीसरी बड़ी खेप है. इससे पहले ‘फेलिसिटी’ और ‘जया’ नामक टैंकरों ने भी भारतीय बंदरगाहों पर तेल पहुंचाया है. कुल मिलाकर भारत अब तक 60 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल प्राप्त कर चुका है.

स्थानीय रिफाइनरी में उतरने वाला है तेल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘डोरना’ को आखिरी बार ईरानी जलक्षेत्र में तब देखा गया था, जब वहां नाकाबंदी लागू होने वाली थी. यह टैंकर ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम पर फिर से भारतीय तट के पास दिखाई दिया और जल्द ही तेल को स्थानीय रिफाइनरी में उतारने वाला है. 

आपको बता दें कि यह खेप ऐसे समय में आई है, जब ईरान ने हॉर्मुज को कमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह से खोलने के एक दिन बाद बंद कर दिया.  हालांकि यह खेप होर्मुज के बंद होने से पहले गुजर चुकी थी. अब ईरान ने वहां से गुजरने वाले जहाजों पर कड़ा नियंत्रण रखने की घोषणा की है. आज ही खबर आई कि ईरान ने होर्मुज पार कर रहे एक भारतीय जहाज पर फायरिंग कर दी. 

भारत ने सात साल बाद ईरान से खरीदा तेल

ईरान भारत डील की बड़ी बात यह है कि भारत इस तेल के बदले भुगतान के लिए डॉलर के बजाय चीनी युआन का इस्तेमाल कर रहा है, ताकि प्रतिबंधों के प्रभाव से बचा जा सके. भारत ने करीब सात साल के लंबे अंतराल के बाद ईरान से तेल का आयात फिर से शुरू किया है. अमेरिकी प्रतिबंधों में मिली अस्थायी छूट का फायदा उठाते हुए भारत ने यह रणनीतिक कदम उठाया था.

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