स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम को लेकर शुरु हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर देश के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चाहे सोनिया गांधी हों या राहुल गांधी, दोनों ने देश के खिलाफ काम करने का मिशन अपना लिया है। सरमा के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं ने देश का माहौल खराब करने की ठान ली है। उन्होंने वंदे मातरम के गायन के दौरान सोनिया गांधी के व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा कि इससे साफ हो जाता है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो देश का क्या हाल होगा।
सोनिया गांधी के व्यवहार पर उठाए सवाल
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि वंदे मातरम के गायन के दौरान सोनिया गांधी का व्यवहार कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति देश के माहौल को खराब करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरमा ने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने की स्थिति में देश के सामने गंभीर परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।
कांग्रेस पर अराजकता फैलाने का आरोप
असम के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर खुले तौर पर देश-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता लोगों को विरोध-प्रदर्शन के लिए उकसा रहे हैं और देश में अराजकता का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। सरमा के अनुसार, ऐसी गतिविधियां देश के हित में नहीं हैं और इनसे सामाजिक तथा राजनीतिक माहौल प्रभावित होता है।
चिदंबरम को लेकर भी साधा निशाना
हिमंत बिस्वा सरमा ने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पी. चिदंबरम केवल ‘दिमागी नक्सल’ नहीं, बल्कि पक्के नक्सली हैं। सरमा ने यह टिप्पणी चिदंबरम के उस कथित बयान के संदर्भ में की, जिसमें उन्होंने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताया था।
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पूर्व गृह मंत्री के कार्यकाल की जांच की मांग
सरमा ने कहा कि जब देश के गृह मंत्री रह चुके पी. चिदंबरम ने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ कहा है, तो इस बात की जांच होनी चाहिए कि उनके गृह मंत्री के कार्यकाल के दौरान नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई में कहीं जान-बूझकर लापरवाही तो नहीं बरती गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उस दौरान नक्सलवाद को खत्म करने के लिए पर्याप्त और प्रभावी कदम उठाए गए थे।


