सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों को गति देने के लिए प्रशासन ने गोपाल मंदिर मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी है। मार्ग के चौड़ीकरण में बाधक बन रही करीब 100 साल पुरानी शाही मस्जिद को हटाने की कार्रवाई का रास्ता अब साफ हो गया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने मस्जिद प्रबंधन की ओर से दायर दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
जस्टिस संदीप एन. भट्ट की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। हाई कोर्ट के फैसले के बाद नगर निगम और प्रशासन के सामने इस मामले में कानूनी अड़चन फिलहाल खत्म हो गई है। अब प्रशासन मास्टर प्लान के तहत गोपाल मंदिर मार्ग के चौड़ीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ा सकेगा।
नगर निगम ने जारी किया था नोटिस
नगर पालिक निगम उज्जैन की ओर से जारी सूचना पत्र क्रमांक 577/न.नि/2026, दिनांक 14 अगस्त 2026 के अनुसार, सिंहस्थ 2028 के तहत कोयला फाटक से छत्रीचौक मार्ग यानी गोपाल मंदिर मार्ग का चौड़ीकरण 15 मीटर मानक के अनुसार किया जाना है। नगर निगम के अनुसार, मस्जिद के भूतल, प्रथम तल और द्वितीय तल का करीब 39.33 वर्ग मीटर निर्माण प्रस्तावित मार्ग के संरेखण में बाधक पाया गया है। नोटिस में कहा गया था कि व्यापक लोकहित और यातायात की आवश्यकता को देखते हुए प्रभावित निर्माण को कायम रखना संभव नहीं है।
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सिंहस्थ की तैयारियों के लिए अहम है मार्ग का चौड़ीकरण
प्रशासन के मुताबिक सिंहस्थ 2028 के दौरान देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। ऐसे में श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए शहर के प्रमुख और व्यस्त मार्गों का चौड़ीकरण जरूरी है। गोपाल मंदिर मार्ग शहर के महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्गों में शामिल है। प्रशासन का कहना है कि चौड़ीकरण की कार्रवाई मास्टर प्लान के प्रावधानों के तहत की जा रही है और सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
1925 के दस्तावेजों का दिया था हवाला
मस्जिद प्रबंधन की ओर से दायर याचिकाओं में सिंधिया राजघराने के समय के वर्ष 1925 के दस्तावेजों का हवाला देते हुए शाही मस्जिद को ऐतिहासिक बताया गया था। याचिकाकर्ताओं शाही मस्जिद वक्फ पंचायत मोचियान और इंतजामिया कमेटी की ओर से इस कार्रवाई का विरोध किया गया था।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता सैय्यद अशहर अली वारसी ने कहा कि हाई कोर्ट के विस्तृत आदेश का अध्ययन करने के बाद फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट की डबल बेंच या सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाएगी। फिलहाल दोनों याचिकाएं खारिज होने के बाद प्रशासन के सामने गोपाल मंदिर मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। प्रशासन अब सिंहस्थ 2028 से जुड़े विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

