सरकार ने गुरुवार को देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। सरकार ने साफ किया है कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के खुदरा बिक्री केंद्रों पर ईंधन की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी ने दैनिक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि नागरिकों को वर्तमान स्थिति में ऊर्जा संरक्षण के लिए आवश्यक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने लोगों से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की घबराहट में खरीदारी से बचने की सलाह दी। अधिकारी ने अफवाहों से बचने और सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की भी अपील की।
सरकार ने आश्वासन दिया कि वह इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद, सरकार ने घरेलू रसोई गैस, घरेलू पीएनजी और सीएनजी की 100 फीसदी आपूर्ति सुनिश्चित की है। पिछले तीन दिनों में करीब 1.90 लाख पांच किलोग्राम के एफटीएल सिलिंडर बेचे गए। बुधवार को करीब 67,600 पांच किलोग्राम के एफटीएल सिलिंडर की बिक्री हुई। पिछले तीन दिनों में लगभग 1.40 करोड़ रसोई गैस सिलिंडरों की बुकिंग के मुकाबले 1.39 करोड़ सिलिंडरों की आपूर्ति की गई।
पीएनजी कनेक्शन और रसोई गैस वितरण में प्रगति
मार्च से अब तक करीब 7.03 लाख पीएनजी कनेक्शन गैसीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 2.72 लाख कनेक्शन के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। इससे कुल पीएनजी कनेक्शन की संख्या 9.75 लाख हो गई है। नए कनेक्शन के लिए करीब 7.49 लाख ग्राहक पंजीकृत हुए हैं। 13 मई तक 57,200 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपनी रसोई गैस कनेक्शन मायपीएनजीडी.इन वेबसाइट के माध्यम से सरेंडर किए हैं।
वितरकों पर कार्रवाई और औद्योगिक आपूर्ति
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने अपने औचक निरीक्षण मजबूत किए हैं। बुधवार तक 401 रसोई गैस वितरकों पर जुर्माना लगाया गया है। साथ ही, 76 रसोई गैस वितरकों को निलंबित भी किया गया है। फार्मा, रसायन और पेंट क्षेत्र की कंपनियों के लिए रसोई गैस पूल से प्रतिदिन 1,120 मीट्रिक टन का प्रावधान किया गया है। यह सुनिश्चित करता है कि इन महत्वपूर्ण उद्योगों को आवश्यक ईंधन मिलता रहे।
रासायनिक उत्पादों की बिक्री में वृद्धि
1 मई, 2026 से मुंबई, कोच्चि, विजाग, चेन्नई, मथुरा और गुजरात की रिफाइनरियों ने महत्वपूर्ण रासायनिक उत्पादों की बिक्री की है। इनमें 6,700 मीट्रिक टन से अधिक सी3-सी4 अणु शामिल हैं, जिनमें प्रोपलीन और ब्यूटिलीन शामिल हैं। इसके अलावा, 2,800 मीट्रिक टन से अधिक ब्यूटाइल एक्रिलेट भी बेचा गया है। इन उत्पादों की बिक्री रसायन, फार्मा और पेंट उद्योगों को की गई है। यह औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने में सरकार के प्रयासों को दर्शाता है।

