संत शिरोमणि रविदास की 650वीं प्रकाश जयंती वर्ष के अवसर पर वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर से भाजपा ने केवल एक धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम का शुभारंभ नहीं किया बल्कि ओबीसी-दलित राजनीति के केंद्र में नई चुनावी रणनीति का संकेत भी दे दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी की मौजूदगी में शुरू किया गया ‘समरसता संकल्प अभियान’ आने वाले महीनों में भाजपा के सबसे बड़े सामाजिक और राजनीतिक संपर्क अभियानों में शामिल होने जा रहा है।
संत रविदास की जन्मस्थली सीरगोवर्धन में जयंती वर्ष कार्यक्रम के मंच पर दो बड़े संत के अलावा 15 बड़े नेता थे। उनमें से 11 ओबीसी-दलित नेता थे। ये ओबीसी-दलित नेता चार अलग अलग राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उप्र, राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली। इसके अलावा चार दलित नेता केंद्र के स्तर के भी थे।
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इनमें उपमुख्यमंत्री केशव मोर्य, राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम, अनुसूचित मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा, उत्तराखंड के मंत्री खजानदास, दिल्ली के मंत्री रविंद्र इंद्राज, यूपी के मुख्यमंत्री असीम अरुण, हंसराज विश्वकर्मा, संजीव गोंड, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया ओबीसी-दलित समाज से आते हैं। वहां मौजूद लगभग 100 संत जो रैदास समाज से जुड़े थे। करीब सात महीने तक चलने वाले इस अभियान का समापन फरवरी 2027 में होगा।


