लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

सपनों की कोई मैथ्स नहीं होती:12वीं गणित में 51 नंबर, अब उसी पवन चांदना की दुनिया हुई कायल – Pawan Chandana Skyroot Aerospace Success Story Isro Space Tech Unicorn

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

एक पुरानी कहावत है होनहार बिरवान के होत चिकने पात यानी प्रतिभाशाली व्यक्ति के लक्षण बचपन से ही नजर आने लगते हैं लेकिन निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट के संस्थापक पवन कुमार चांदना के मामले में ऐसा नहीं था। मध्यवर्गीय परिवार में जन्मे चांदना स्कूली दिनों में औसत छात्र थे और गणित में काफी कमजोर थे। अब उसी चांदना ने नागा भरत डाका के साथ मिलकर देश के अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया।

चांदना ने एक साक्षात्कार में बताया था कि उन्हें गणित में कभी बहुत अच्छे अंक नहीं आए। 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उन्हें मात्र 51 नंबर ही मिले थे। उन्होंने कहा था कि बचपन में उन्हें गणित से डर लगता था, लेकिन जब आप ब्रह्मांड और तारों को देखते हैं तो डर खुद-ब-खुद खत्म हो जाता है। आईआईटी-जेईई की तैयारी के दौरान उनकी रुचि गणित में बढ़ी और कड़ी मेहनत के दम पर आईआईटी खड़गपुर में दाखिला लेकर मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। आईआईटी से निकलने के बाद चांदना का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में वैज्ञानिक के रूप में हुआ। यहीं पर उनकी मुलाकात नागा भरत डाका से हुई थी। 

इक्विटी क्या है, नहीं जानते थे

साल 2018 में देश में निजी कंपनियों के लिए अंतरिक्ष के दरवाजे पूरी तरह नहीं खुले थे लेकिन पवन और भरत ने बड़ा जोखिम लिया। दोनों ने इसरो की प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी को अलविदा कह स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस की शुरुआत की। चांदना ने कहा था कि वह इक्विटी का मतलब भी नहीं समझते थे। शुरुआती दिनों में फंड जुटाना चुनौती से कम नहीं था। भरत ने कंपनी के सीओओ के रूप में कमान संभाली और एवियोनिक्स व सॉफ्टवेयर को बेहद कम लागत में तैयार करने की तकनीक विकसित की। पवन ने सीईओ के तौर पर पूरी टीम का नेतृत्व किया।

ये फायदे होंगे: विक्रम-1 की सफलता भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। इस कामयाबी के ये फायदे हो सकते हैं।

वैश्विक कारोबार: स्काईरूट जैसी घरेलू कंपनियों के आने से विदेशी सैटेलाइट कंपनियों को भारत में किफायती, भरोसेमंद और ऑन-डिमांड लॉन्चिंग विकल्प मिलेंगे।

आर्थिक विकास: देश की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। नए स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।

यह भी पढ़ें: Skyroot Aerospace: विक्रम-1 की लॉन्चिंग पर क्या बोले के CEO और COO? इसरो प्रमुख ने बताए भारत के भविष्य के मिशन

भविष्य के रॉकेट, अंतरिक्ष मिशन और होंगे बेहतर

स्काईरूट का स्कोप सैटेलाइट इस मिशन का अपना एक्सपेरिमेंटल पेलोड है। इसका इस्तेमाल अंतरिक्ष में नई तकनीकों की जांच करने व मिलने वाली जानकारी भविष्य के रॉकेट और अंतरिक्ष मिशनों को बेहतर बनाने में मदद करेगी। कॉस्मोसर्व स्पेस के मिशन इमब्रेस में ऐसे रोबोटिक सिस्टम की जांच होगी, जो अंतरिक्ष में घूम रहे बेकार सैटेलाइट व रॉकेट के टुकड़े हटाने में मदद करेगा।

ग्रह स्पेस का सोलारस सैटेलाइट भी मिशन का हिस्सा है। इसका मकसद निचली कक्षा में छोटे सैटेलाइट की क्षमता दिखाना है। ऐसे सैटेलाइट कम खर्च में कई तरह के काम कर सकते हैं। कॉस्मिक ब्लूम नामक लैब में बना हीरा भी भेजा गया है। इसे विज्ञान और कला को साथ लाने का एक प्रयास माना जा रहा है।

आगामी वर्षों में लक्ष्य 

कंपनी ने कमर्शियल लॉन्चिंग की शुरुआत के साथ अपने राजस्व में भारी उछाल का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2026-27 में स्काईरूट को 977 करोड़ का राजस्व मिलने की उम्मीद है। कंपनी का अनुमान है कि 2031-32 तक उसका राजस्व बढ़कर 13,205 करोड़ तक पहुंच सकता है।

पहला स्पेस-टेक यूनिकॉर्न

स्काईरूट ने मई 2026 में 568 करोड़ (60 मिलियन डॉलर) की नई फंडिंग जुटाई है। इसके बाद इसकी कुल वैल्यूएशन करीब 10,600 करोड़ (1.1 अरब डॉलर) हो गई है और यह भारत का पहला स्पेस-टेक यूनिकॉर्न बन चुका है।

605 करोड़ से अधिक के ऑर्डर

स्काईरूट के अगले कुछ वर्षों के ऑर्डर और राजस्व का अनुमानवित्तीय दस्तावेज के अनुसार, स्काईरूट को वित्तीय वर्ष 2027-28 तक स्पेस सिस्टम्स बिजनेस में 605 करोड़ से अधिक के ऑर्डर पूरे करने की उम्मीद है। वहीं मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के पास ग्राहकों से 252 करोड़ से अधिक का कस्टमर एडवांस (अग्रिम भुगतान) पहले ही आ चुका है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन:11 सितंबर को दिल्ली में सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद, वाहनों को लेकर ट्रैफिक एडवायजरी जारी – Brics Summit: Government Offices In Delhi To Remain Closed On September 11.

Isro Eos-05 Mission:इसरो ने अंतरिक्ष में भेजा ईओएस-05 उपग्रह, श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण; वी नारायणन क्या बोले? – Isro Gslv-f17 Eos-05 Mission satish Dhawan Space Centre Sriharikota dr V Narayanan Earth Observation Setallite

एक्सप्लेनर:इसरो की बड़ी सफलता, धरती पर हो रहे हर बदलाव को बताएगा ईओएस-05, ये कैसे करेगा काम और क्यों है खास? – Isro’s Big Leap, How Eos-05 Will Track Changes On Earth From 36,000 Km Above

तेल की कीमतों में फिर तेजी:ब्रेंट 97 डॉलर के पार, एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख; क्या बढ़ेगी चिंता? – Oil Prices Edge Higher, While World Shares Are Mixed After Wall Street Gains

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026:आज घर-घर जन्म लेंगे कृष्ण कन्हाई, मथुरा में दिव्य और भव्य नजारा; देखें तस्वीरें – Shri Krishna Janmashtami 2026 Lord Krishna Will Be Born At Midnight Shri Krishna Janmabhoomi In Mathura

वृंदावन:जन्माष्टमी से पहले सीएम योगी ने ब्रजवासियों को दिया 1051 करोड़ की योजनाओं का तोहफा, कही सनातन की बात – Cm Yogi Gave The Gift Of Schemes Worth Rs 1051 Crore To The People Of Braj.

Leave a Comment