मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों की तरफ से हाल ही में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठी है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब गाय को लेकर इस तरह की मांग की गई हो। गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गायों की हत्या पर प्रतिबंध लगाने से जुड़ी मांगों के इतिहास में जाएं तो सामने आता है कि भारत की आजादी के ठीक बाद जब भारत के संविधान को लेकर संविधान सभा में बहस चल रही थी तो इसके एक मुस्लिम सदस्य ने न सिर्फ गोहत्या पर प्रतिबंध की मांग की थी, बल्कि इसे मौलिक अधिकारों की श्रेणी में शामिल करने की मांग तक कर दी थी।

आइये जानते हैं संविधान सभा के उस घटनाक्रम के बारे में और उस सभा के उस मुस्लिम सदस्य के बारे में जिन्होंने गोहत्या पर प्रतिबंध की मांग के साथ ही इसे लागू कराने के लिए कुरान तक का जिक्र कर दिया था? साथ ही यह भी जानते हैं कि आखिर गायों को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से जुड़ी हालिया मांगें क्या हैं?

