लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

विदेश से भारत लौटकर आंदोलन क्यों?:cjp के सूत्रधार अभिजीत कितने तैयार, मौजूदा सिस्टम को चुनौती पर क्या बोले? – Cjp Founder Abhijeet Dipke On Returning To India Protest Against System Dharmendra Pradhan Resignation Demand

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी तादाद में छात्रों-युवाओं के साथ पर्यावरण कार्यकर्ता व शिक्षाविद सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। आंदोलन का नेतृत्व सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया। 

अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने कहा, पिछले दो-तीन दिनों से मेरी मां-बहन रो रहे थे कि कि तुम वापस आ जाओगे तो ये लोग तुम्हें अंदर डाल देंगे। मेरे घर वापस आने से उन्हें डर लग रहा था। ये अकेले मेरी मांग का डर नहीं है। इस देश में जो भी बच्चा, छात्र, युवा राजनीति के ऊपर और इस सरकार के खिलाफ बोलेगा तो उसकी मां को डर लगता है कि मेरे बेटे को कहीं ये अंदर न डाल दें। कब तक हम ऐसे डर के जिएंगे। एक बार इनको बता दो कि इनकी डर की राजनीति से अब हम डरने वाले नहीं हैं।

सीजेपी ने क्या कहा?


  • सीजेपी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

  • संगठन ने चेतावनी दी कि अगर सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन पूरे देश में फैल जाएगा।

  • सीजेपी प्रवक्ता आशीष रांका और सौरव दास ने कहा कि यह आंदोलन शिक्षा और शासन से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की व्यापक मुहिम की शुरुआत है।

  • संगठन ने दावा किया कि यह आंदोलन मई में ऑनलाइन अभियान के रूप में शुरू हुआ था और इंस्टाग्राम पर इसके 22 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं।

  • सीजेपी ने कहा कि देशभर के युवाओं को परीक्षा और भर्ती में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया।

  • प्रवक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते या प्रधानमंत्री उन्हें नहीं हटाते तो आंदोलन देशभर में फैलाया जाएगा।

  • उन्होंने कहा कि कई राज्यों से समर्थन संदेश मिल रहे हैं और संगठन एक हफ्ते बाद आगे की रणनीति तय करेगा।

  • सीजेपी ने दावा किया कि 6 जून 2026 का दिन देश की राजनीति में बदलाव के रूप में याद रखा जाएगा।

  • संगठन ने कहा कि यह आंदोलन शिक्षा प्रणाली में सुधार और ‘रीसेट’ की मांग को लेकर शुरू किया गया है।

  • प्रवक्ताओं ने कहा कि बड़ी भीड़ के बावजूद प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और देशभर से विभिन्न राज्यों के छात्र इसमें शामिल हुए।

विरोध प्रदर्शन खत्म करने के बाद क्या कहा?

शनिवार को विरोध प्रदर्शन की समाप्ति की घोषणा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दीपक ने कहा, आज का प्रदर्शन तो केवल एक ट्रेलर था। अपने माता-पिता से मिलने घर जा रहा हूं। उनसे आखिरी बार मिले हुए एक साल से ज्यादा हो गया है। पिछले पंद्रह दिनों में उन्हें काफी तकलीफ हुई है और धमकियों की वजह से उन्हें घर छोड़ना पड़ा। मैं उन्हें वापस घर ले जाऊंगा। आपकी जानकारी के लिए आज का प्रदर्शन तो बस एक ट्रेलर था। इतनी बड़ी संख्या में आने के लिए धन्यवाद। 


 

सीजेपी की शुरुआत के करीब दो हफ्ते बाद ही इसने तेजी से लोकप्रियता हासिल की है। सिर्फ दो हफ्ते पहले तक दीपके बोस्टन में जनसंपर्क (पीआर) में स्नातकोत्तर डिग्री पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश कर रहे थे। उन्होंने नहीं सोचा था कि उनकी व्यंग्यात्मक राजनीतिक पहल को इतना बड़ा समर्थन मिलेगा।

दीपके ने बताया कि सीजेपी को मिली लोकप्रियता के कारण उन्हें अमेरिका और यूरोप की कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों से आकर्षक नौकरी के प्रस्ताव मिले। लेकिन उन्होंने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए भारत लौटने का फैसला किया।

दीपके के लिए अप्रत्याशित रहे पंद्रह दिन

सोमवार को पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में दिपके ने कहा था, दो हफ्ते पहले मैं नौकरियों के लिए आवेदन कर रहा था। उन्होंने कहा कि पिछले पंद्रह दिन उनके लिए उतार-चढ़ाव और अप्रत्याशित घटनाओं से भरे रहे।

उन्होंने माना कि उनके परिवार ने चिंता जताई है और उन्हें भी धमकियां मिली हैं। लेकिन वह हिरासत में लिए जाने की संभावना के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं। उन्होंने कहा था, पूरी संभावना है कि हवाई अड्डे पर ही मुझे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनका प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन अभिव्यक्ति की आजादी और शांतिपूर्ण सभा के सांविधानिक अधिकारों के तहत संरक्षित है।

दीपके चाहते हैं कि तत्काल जवाबदेही तय हो और धर्मेंद्र प्रधान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि नीट (नीट), सीबीएसई और सीयूईटी (सीयूईटी) परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों ने लाखों छात्रों को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, हम लगातार इस्तीफे की मांग करते रहेंगे और जब तक वह इस्तीफा नहीं देते, तब तक नहीं रुकेंगे। उनका मानना है कि शिक्षा मंत्री को ‘नैतिक जिम्मेदारी’ लेनी चाहिए।

क्या राजनीतिक पार्टी बनेगी सीजेपी?

सीजेपी की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बाद इसके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। इस पर दीपके ने कहा था कि अभी इसे एक पंजीकृत राजनीतिक दल में बदलने के बारे में सोचना जल्दबाजी होगी। जब उनसे पूछा गया था कि क्या सीजेपी भविष्य में चुनाव आयोग में पंजीकरण करा सकती है, तो उन्होंने कहा, इस बारे में अभी कुछ कहना बहुत जल्दबाजी होगी।

फिलहाल उन्होंने सीजेपी को एक राजनीतिक युवा आंदोलन बताया, जिसका मकसद राजनीतिक चर्चा को बदलना और युवाओं की आकांक्षाओं तथा चिंताओं को राजनीति के केंद्र में लाना है। दीपके के मुताबिक, यह आंदोलन बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर युवाओं में बढ़ती नाराजगी से पैदा हुआ है।

उन्होंने कहा, मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ हो सकता है। दीपके के मुताबिक, एक व्यंग्य के रूप में शुरू हुए मंच को मिल रहा समर्थन यह दिखाता है कि लोग मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था से निराश होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, यह युवाओं की आकांक्षाओं, जरूरतों, चिंताओं और उम्मीदों को पूरा करने में राजनीतिक व्यवस्था की विफलता है। उन्होंने कहा कि युवा केवल मुख्यधारा की राजनीति से ही नहीं, बल्कि स्थापित संस्थाओं से भी असंतुष्ट हैं।

दीपके ने कहा, युवा मुख्यधारा की राजनीति से थक चुके हैं। वे मुख्यधारा के मीडिया से भी थक चुके हैं। उनका दावा है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। दीपके ने कहा कि यह आंदोलन स्वतंत्र रहेगा, भले ही कुछ राजनीतिक नेताओं ने समर्थन जताया हो।

क्या विपक्ष का समर्थन मिला?

उन्होंने कहा, किसी भी विपक्षी नेता ने मुझसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क नहीं किया है। उन्होंने आगे कहा कि युवा इस आंदोलन को पूरी तरह स्वतंत्र रखना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल आंदोलन का समर्थन कर सकते हैं।

आगे की रणनीति क्या है?

आंदोलन के भविष्य की योजनाओं पर उन्होंने कहा था कि भारत लौटने के बाद आयोजक समर्थकों और पंजीकृत सदस्यों से सुझाव लेंगे। उन्होंने कहा, हम उनसे पूछेंगे कि इस आंदोलन को आगे कैसे बढ़ाया जाए।

आप से पुराने संबंधों पर क्या बोले?

दीपके ने आम आदमी पार्टी से अपने पुराने संबंधों पर भी बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह 2020 से 2023 तक पार्टी के साथ काम कर चुके हैं। लेकिन वर्तमान आंदोलन पूरी तरह स्वतंत्र है। उन्होंने कहा,वह मेरा अतीत था और अब यह आंदोलन पूरी तरह स्वतंत्र है। अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए दीपके ने बताया था कि मौजूदा व्यवस्था से असंतोष ने उन्हें सक्रिय राजनीति और आंदोलन की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा, मुझे लगा कि बदलाव लाने के लिए सक्रिय भागीदारी जरूरी है। यही चीजों को बेहतर बनाने का तरीका है।

ये भी पढ़ें:  Khabaron Ke Khiladi: सोशल मीडिया पर उठा कॉकरोच का तूफान जंतर-मंतर तक पहुंचा, विश्लेषकों ने बताया अब आगे क्या?

छह महीने बाद कहां होगी सीजेपी?

जब उनसे पूछा गया कि छह महीने बाद वह सीजेपी को कहां देखते हैं, तो उन्होंने बताया कि घटनाएं इतनी तेजी से हुई हैं कि लंबी अवधि का अनुमान लगाना मुश्किल है। उन्होंने कहा, पंद्रह दिन पहले हमने इसकी कल्पना भी नहीं की थी। हम एक-एक कदम आगे बढ़ रहे हैं।

 

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai Box Office Collection Day2 Varun Dhawan Mrunal Thakur Pooja Hegde Vs Peddi Bandar – Entertainment News: Amar Ujala

Lpg Price Hike:घरेलू Lpg सिलेंडर हुआ महंगा, 14.2 किलोग्राम के रसोई गैस में 29 रुपये की बढ़ोतरी; जानें नई कीमत – Lpg Price Hike Domestic Cylinder More Expensive, Know New Price Of Delhi Ncr Others Parts Of Country

‘उन्हें सुलझाने दें’:ट्रंप बोले-मेरे रहते कभी नहीं होता रूस-यूक्रेन युद्ध; जो बाइडन पर साधा निशाना – Trump On Russia Ukraine Conflict And St Petersburg Drone Attack

Explainer:ट्रिलियन डॉलर सफर की ओर मस्क, कैसे कई देशों की अर्थव्यवस्था से भी ज्यादा हो जाएगी एक आदमी की दौलत? – The Trillion-dollar Man: How Elon Musk Is Poised To Make Financial History

भांगड़ बम धमाका मामला:14 दिन की Nia हिरासत में Tmc के पूर्व विधायक, दक्षिण 24 परगना से किया गया था गिरफ्तार – Bhangar Bomb Blast Case Ex Tmc Mla 14 Day Nia Custody

Delhi Hotel Fire:मालवीय नगर अग्निकांड में एक और गिरफ्तारी, रसोइये की लापवाही के कारण हुई 21 लोगों की मौत! – Hotel Cook Arrested In Malviya Nagar Fire Incident

Leave a Comment