राम मंदिर चढ़ावा चोरी:’टिन्नू के इशारे पर काम करते थे गणनाकर्मी, वो ही…’, अनिल मिश्रा ने स्वीकार की ये बात – Ram Mandir Donation Scam Anil Mishra Blames Tinnu Anil Admits To A Lapse In Supervision
राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के मामले में प्रतिदिन नए खुलासे हो रहे हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंदिर ट्रस्ट द्वारा पिछले पांच साल में कराए गए ऑडिट की जांच का निर्णय लिया है। एसआईटी इस जांच में ऑडिट में मौजूद खामियों का पता लगाएगी। सूत्रों के अनुसार, इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की आशंका जताई जा रही है।
अब तक की जांच में एसआईटी को ऐसे कई सुबूत मिले हैं, जो गड़बड़ियों की ओर इशारा करते हैं। माना जा रहा है कि इन सुबूतों से अनिल मिश्रा, गोपाल राव और चंपत राय की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एसआईटी के तीन वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक रेंज लखनऊ किरन एस और विशेष वित्त सचिव नील रतन शामिल हैं, बृहस्पतिवार को एक बैठक कर सकते हैं।
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रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
इस बैठक के बाद वे अयोध्या के लिए रवाना होंगे। सूत्रों के मुताबिक, अनिल मिश्रा ने पूछताछ के दौरान पूरा ठीकरा गणनाकर्मी टिन्नू यादव पर फोड़ा है। उन्होंने दावा किया कि सभी गणनाकर्मी टिन्नू के इशारे पर ही काम करते थे। अनिल मिश्रा ने अपनी भूमिका को पूरी तरह से नकार दिया है।
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टिन्नू यादव को ले जाते पुलिसकर्मी।
– फोटो : amar ujala
आपको बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी अब ट्रस्ट के पांच साल के ऑडिट का ऑडिट करेगी। शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका को देखते हुए हर वित्तीय लेनदेन की बारीकी से तफ्तीश की जाएगी। एसआईटी को कुछ अहम साक्ष्य भी मिले हैं। जांच की जद में ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी आ सकते हैं।
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टिन्नू यादव के घर पहुंची पुलिस।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
निर्माण कार्यों की भी जांच होगी। यही वजह है कि शासन ने बुधवार को एसआईटी जांच का समय दो सप्ताह बढ़ा दिया है। एसआईटी अब 15 जुलाई को रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। दरअसल, एसआईटी ने प्रारंभिक जांच में आपराधिक पहलू की जांच की है।
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स्वर्गद्वार मोहल्ले में आरोपी रमाशंकर यादव टिन्नू के आवास पर मौजूद पुलिस बल।
इसी आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। एसआईटी ने वहां की खामियों के साथ मंदिर की सुरक्षा और गणना प्रक्रिया की लापरवाही को जांच में शामिल किया। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी से जुड़े अधिकारी लगातार अयोध्या में हैं और साक्ष्य जुटा रहे हैं।