राम मंदिर के चढ़ावा चोरी के मामले में आठ आरोपियों को बृहस्पतिवार की देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से मंदिर के दान पात्र से चोरी हुए लगभग 79.85 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। शुक्रवार की शाम लगभग चार बजे आरोपियों को न्यायालय से जेल भेज दिया गया।


बीती छह जून को राम मंदिर की चढ़ावा धनराशि में से चोरी का मामला सामने आया था। बाद में मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की। दो दिन पहले एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी। इसके बाद बृहस्पतिवार की शाम को मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने गणना में शामिल कर्मियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा व पर्यवेक्षणीय कर्मी सुभाष श्रीवास्तव व महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर उर्फ टिन्नू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
रामजन्मभूमि थाने में दर्ज एफआईआर में कृष्ण मोहन ने बताया कि मंदिर में चढ़ावा धनराशि के गबन/चोरी के संबंध में एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी रिपोर्ट से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि गणना प्रक्रिया में सेवारत कुछ कर्मियों ने भेंट/चढ़ावा धनराशि की चोरी की है। पर्यवेक्षणीय कार्य में लगे सुभाष श्रीवास्तव और बैंक पर्यवेक्षणीय कर्मी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका भी प्रथमदृष्टया है। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
