पुलिस की पूछताछ में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी मनीष यादव ने स्वयं के चोरी करने की बात स्वीकारी है। इसमें टिन्नू की भूमिका भी उसने स्पष्ट की है। ड्यूटी पर लगने के कुछ ही समय में उसने चोरी करने का दावा किया है। इन रुपयों से भंडारा करने, महंगे उपहार लेने व कुछ निवेश करने की भी जानकारी दी है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के कुछ करीबी रिश्तेदारों से भी पूछताछ की है। आरोपी और रिश्तेदारों से मिली जानकारियों का अलग-अलग सत्यापन भी कराया है। इस दौरान कुछ अन्य जमीनों में निवेश संबंधी जानकारी भी मिली है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष की सात दिन की कस्टडी रिमांड मांगी थी, जिस पर न्यायालय से 39 घंटे की रिमांड मंजूर हुई है। शनिवार की सुबह करीब आठ बजे सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी एसओजी पुलिस टीम के साथ जिला जेल पहुंचे और दोनों आरोपियों को बाहर निकाला गया।
पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल पूछताछ के निष्कर्षों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। लेकिन माना जा रहा है कि रिमांड की शेष अवधि में पुलिस दोनों आरोपियों से अन्य बिंदुओं पर भी पूछताछ और संभावित बरामदगी का प्रयास करेगी।
टिन्नू ने लगवाई थी मनीष की नौकरी
मनीष टिन्नू का भतीजा है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में टिन्नू ने बताया कि उसी ने मनीष को नौकरी पर रखवाया था। मनीष सीधे अनुकल्प व लवकुश के साथ चोरी की घटना में शामिल रहता था। इसलिए वह इसकी पूरी जानकारी टिन्नू को देता था, जिससे उसे पता रहता था कि कब और कितनी रकम पार की गई। मनीष के आने के बाद रकम और अधिक पार की जाने लगी थी। वह तीन-चार महीने पहले ही वहां आया था।

