भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार पंचायत समिति भुसावर के सहायक अभियंता गोविन्द प्रसाद के खिलाफ कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। 14 सितंबर को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किए गए सहायक अभियंता के रिहायशी मकान की खानातलाशी में बड़ी मात्रा में नकदी और चांदी की सिल्लियां बरामद हुई हैं। एसीबी के अनुसार, मकान से कुल 43 लाख 38 हजार 500 रुपये नकद मिले हैं। इसके अलावा करीब 20 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां भी बरामद की गई हैं।
रिश्वत लेते गिरफ्तारी के बाद घर की तलाशी
एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर भरतपुर इकाई की चौकी ने 14 सितंबर को कार्रवाई करते हुए पंचायत समिति भुसावर में तैनात सहायक अभियंता गोविन्द प्रसाद को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। ट्रैप कार्रवाई के बाद आरोपी के रिहायशी मकान की नियमानुसार खानातलाशी की गई। यह कार्रवाई एसीबी रेंज भरतपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के पर्यवेक्षण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सिंह के नेतृत्व में की गई।
43.38 लाख नकद और 20 किलो चांदी ने बढ़ाई जांच
खानातलाशी के दौरान मिली 43.38 लाख रुपये की नकदी और करीब 20 किलो चांदी की सिल्लियों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और चांदी कहां से आई। इसके साथ ही इन संपत्तियों का संबंध आरोपी की आय के ज्ञात स्रोतों से है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
दो दुकानों और जयपुर के मकान के दस्तावेज मिले
तलाशी के दौरान एसीबी को हिंडौन कस्बे में स्थित दो दुकानों से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में हाउसिंग बोर्ड के एक मकान तथा अन्य भू-संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर आरोपी की चल-अचल संपत्तियों और उनके स्वामित्व की जांच की जाएगी।
अब संपत्तियों के स्रोत की पड़ताल
एसीबी अधिकारियों के मुताबिक खानातलाशी में बरामद नकदी, चांदी और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों के स्रोत तथा स्वामित्व की पड़ताल की जा रही है। प्राप्त खानातलाशी रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मामले में आगे अनुसंधान किया जाएगा। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

