राजस्थान में पंचायत चुनाव के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। धनतेरस पर्व पर मतदान नहीं होगा। धार्मिक आस्था और जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पंचायत चुनाव के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के कार्यक्रम में एक दिन का बदलाव किया गया है। हालांकि मतदान की तारीखें पहले से घोषित कार्यक्रम के अनुसार ही रहेंगी, जबकि पोलिंग पार्टियों के प्रस्थान की तारीख एक दिन पहले कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए पोलिंग पार्टियां अब 21 अक्तूबर को रवाना होंगी और 22 अक्तूबर को मतदान होगा। पंच-सरपंच के लिए नामांकन 23 अक्तूबर और मतदान 24 अक्तूबर को होगा। उप सरपंच का चुनाव 25 अक्तूबर को होगा।
दूसरे चरण का कार्यक्रम
दूसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए पोलिंग पार्टियों का प्रस्थान 27 अक्तूबर को होगा और मतदान 28 अक्तूबर को होगा। पंच-सरपंच के लिए नामांकन 29 अक्तूबर, मतदान 30 अक्तूबर और उप सरपंच का चुनाव 31 अक्तूबर को होगा।
तीसरे चरण में भी बदलाव
तीसरे चरण में पोलिंग पार्टियां अब 2 नवंबर को रवाना होंगी। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 3 नवंबर को होगा। इसके बाद पंच-सरपंच के लिए नामांकन 4 नवंबर, मतदान 5 नवंबर और उप सरपंच का चुनाव 6 नवंबर को होगा।
बाकी कार्यक्रम यथावत
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव के घोषित कार्यक्रम में अन्य कोई बदलाव नहीं किया गया है। केवल पहले, दूसरे और तीसरे चरण में पोलिंग पार्टियों के प्रस्थान की तारीख एक दिन पहले की गई है। यह बदलाव धनतेरस पर्व को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस बदलाव के बाद चुनावी कार्यक्रम में धनतेरस के दिन मतदान की स्थिति नहीं रहेगी और संबंधित चुनावी प्रक्रिया एक दिन पहले पूरी करने की व्यवस्था की गई है।

